Chhattisgarh Jagdalpur News: जगदलपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी ने अपने दूसरे चरण के प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत बस्तर से कर दी है। कांग्रेस जिला अध्यक्षों के बाद अब ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जगदलपुर के एक निजी रिसोर्ट में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें बस्तर संभाग के सातों जिलों के ब्लॉक अध्यक्ष शामिल हो रहे हैं।
प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव जगदलपुर पहुंचे। उनके साथ पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री मोहन मरकाम और बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल भी मौजूद रहे। शिविर में मास्टर ट्रेनर बस्तर संभाग के सातों जिलों के ब्लॉक अध्यक्षों को संगठनात्मक गतिविधियों, पार्टी की रणनीति और आगामी कार्यक्रमों को लेकर प्रशिक्षण दे रहे हैं।
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि यह ट्रेनिंग कांग्रेस के नए संगठनात्मक ढांचे के अनुरूप खुद को ढालने की प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि उदयपुर में वर्ष 2022 में हुए चिंतन शिविर में आज के समय के अनुरूप कांग्रेस की गतिविधियों को नए सिरे से दिशा देने को लेकर निर्णय लिए गए थे। उसी के तहत संगठन में बदलाव और प्रशिक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
टीएस सिंहदेव ने कहा कि संगठन में 50 साल से कम उम्र के कम से कम 50 प्रतिशत लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा एसटी, एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और महिलाओं को संगठन में न्यूनतम 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की व्यवस्था पर भी जोर है। उन्होंने बताया कि मंडल कांग्रेस कमेटियों का गठन भी किया जाएगा और ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की व्यवस्था को लागू किया जाएगा। आगामी चुनाव तक प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे और चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मंडल कांग्रेस कमेटियों का गठन हो चुका है, जबकि ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों और पोलिंग बूथ कांग्रेस कमेटियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का अगला चरण चल रहा है। बस्तर के बाद छत्तीसगढ़ के अन्य चार संभागों में भी इसी तरह के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
वहीं विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि आगामी चुनाव को देखते हुए यह प्रशिक्षण काफी महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण के माध्यम से संगठन को मजबूत करने के साथ अधिक से अधिक लोगों तक जनसंपर्क बढ़ाना कांग्रेस का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि संगठन के इस प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत बस्तर से की जा रही है।

