Raipur News : PM Awas Yojana के अधूरे मकानों पर सख्ती, सितंबर के बाद नहीं मिलेगी अतिरिक्त राशि

Raipur News : PM Awas Yojana के अधूरे मकानों पर सख्ती, सितंबर के बाद नहीं मिलेगी अतिरिक्त राशि

Chhattisgarh Raipur News : रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत स्वीकृत करीब 14 हजार आवास अब भी अधूरे पड़े हैं। राज्य शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सितंबर 2026 के बाद इन लंबित आवासों के निर्माण के लिए केंद्र या राज्य सरकार की ओर से कोई अतिरिक्त राशि नहीं दी जाएगी। निर्धारित समयसीमा में निर्माण पूरा नहीं होने पर संबंधित नगरीय निकायों को अपने स्वयं के बजट से अधूरे मकानों का निर्माण पूरा करना होगा।

राज्य शासन की ओर से नगरीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि सितंबर के बाद किसी प्रकार की समयवृद्धि नहीं दी जाएगी। निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा नहीं होने की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ओर से जून में सभी निकायों को इस संबंध में पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने निर्माणाधीन आवासों को तय समयसीमा में पूरा कराने के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की शुरुआत प्रदेश में 25 जून 2015 से हुई थी। योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है।

योजना के तहत आवास निर्माण के लिए 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। प्रदेश में स्वीकृत 2,06,118 आवासों में से 1,91,819 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि करीब 14 हजार आवास अब भी लंबित हैं। लंबित आवासों में 14 नगर निगमों के 2,671, 55 नगर पालिकाओं के 5,607 और 97 नगर पंचायतों के 5,886 आवास शामिल हैं।

धमतरी, रिसाली, राजनांदगांव, बिलासपुर, रायपुर और भिलाई में एएचपी यानी अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप घटक के तहत स्वीकृत 1,200 से अधिक आवासों की स्थिति भी चिंता का विषय है। इनमें कई आवासों में अभी केवल नींव और आधारभूत संरचना का काम ही पूरा हो पाया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के एएचपी घटक के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार निजी एवं सार्वजनिक एजेंसियों के साथ साझेदारी में आवास निर्माण कराती हैं। ऐसे में लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करना नगरीय निकायों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। चार जून को मुख्य सचिव विकासशील ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 और 2.0 की प्रगति की जानकारी नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली थी। इसके बाद पांच जून को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की तत्कालीन सचिव शंगीता आर ने भी अधिकारियों के साथ योजना की समीक्षा की थी।

अब सितंबर की समयसीमा को लेकर नगरीय निकायों पर अधूरे आवासों को तेजी से पूरा करने का दबाव बढ़ गया है। समय पर निर्माण पूरा नहीं होने की स्थिति में अतिरिक्त वित्तीय भार निकायों के अपने बजट पर आने की संभावना है।


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