TS Singh Deo on West Bengal Politics: रायपुर। टीएस सिंहदेव ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री पद पर बने रहना संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। सिंहदेव का यह बयान उस वक्त आया है जब ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम के बाद इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।
दरअसल, ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे अपनी हार को हार नहीं मानतीं, इसलिए इस्तीफा देने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है और संवैधानिक प्रावधानों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
सिंहदेव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधानसभा का कार्यकाल पांच साल का होता है और यदि चुनाव में किसी अन्य दल को बहुमत मिलता है तो राज्यपाल उसी दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 164 का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और यह पूरी प्रक्रिया संवैधानिक ढांचे के तहत होती है।
इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ममता बनर्जी के रुख का समर्थन करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीतिक परिस्थितियां पहले भी बनाई गई हैं, खासकर लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान मध्य प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में।
ममता बनर्जी के बयान और विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद यह मुद्दा अब राजनीतिक और संवैधानिक दोनों ही स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

