Raipur News: 41वें चक्रधर समारोह में 14 सितंबर को आरुग बैंड के साथ प्रस्तुति देंगे पद्मश्री अनुज शर्मा, लोक कला और आधुनिक संगीत का दिखेगा अनूठा संगम

Raipur News: 41वें चक्रधर समारोह में 14 सितंबर को आरुग बैंड के साथ प्रस्तुति देंगे पद्मश्री अनुज शर्मा, लोक कला और आधुनिक संगीत का दिखेगा अनूठा संगम

41st Chakradhar Festival: रायगढ़। रायगढ़ के ऐतिहासिक 41वें चक्रधर समारोह में 14 सितंबर की शाम छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति और आधुनिक संगीत के अनोखे संगम के नाम रहेगी। छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोककला के ध्वजवाहक पद्मश्री अनुज शर्मा अपने प्रसिद्ध ‘आरुग बैंड’ के साथ समारोह के प्रतिष्ठित मंच पर संगीतमय प्रस्तुति देंगे। उनकी प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ की लोकधुनों, पारंपरिक वाद्यों और आधुनिक संगीत का मेल देखने को मिलेगा।

लोक कला और आधुनिक संगीत का अनूठा संगम

‘आरुग बैंड’ छत्तीसगढ़ की लोक-सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के मंचों तक पहुंचाने का माध्यम बन चुका है। बैंड पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वाद्यों और मौलिक लोक-लयों को समकालीन संगीत के साथ जोड़कर प्रस्तुत करता है। इससे नई पीढ़ी भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ रही है।

चक्रधर समारोह के मंच पर खास प्रस्तुति

रायगढ़ का चक्रधर समारोह भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य और लोककला की समृद्ध परंपरा का प्रमुख मंच माना जाता है। 14 सितंबर को होने वाली अनुज शर्मा और आरुग बैंड की प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की मिठास के साथ आधुनिक फ्यूजन संगीत का नया स्वरूप देखने को मिलेगा।

देश-विदेश तक पहुंचा छत्तीसगढ़ी संगीत

अनुज शर्मा और आरुग बैंड छत्तीसगढ़ी संगीत और लोककला को व्यापक मंचों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। पारंपरिक संगीत को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत करने की शैली के चलते यह प्रस्तुति समारोह में आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहने की उम्मीद है।

‘माटी की खुशबू को दुनिया तक पहुंचाना लक्ष्य’

चक्रधर समारोह में प्रस्तुति को लेकर पद्मश्री अनुज शर्मा ने कहा कि चक्रधर समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि कला और सांस्कृतिक पहचान का महापर्व है। रायगढ़ के इस ऐतिहासिक मंच पर आरुग बैंड के साथ अपनी माटी की धुनों को प्रस्तुत करना उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का लोकसंगीत अपनी जड़ों से मजबूती से जुड़ा रहे और दुनिया के हर कोने में अपनी पहचान बनाए।


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