धमतरी में कृषि को नई ताकत: 22 नई सहकारी समितियां शुरू, रिकॉर्ड खाद-बीज और 317 करोड़ का कृषि ऋण वितरण

धमतरी में कृषि को नई ताकत: 22 नई सहकारी समितियां शुरू, रिकॉर्ड खाद-बीज और 317 करोड़ का कृषि ऋण वितरण

Chhattisgarh Latest News: रायपुर: खरीफ सीजन 2026-27 में किसानों को समय पर खाद, बीज और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। किसानों की सुविधा बढ़ाने के लिए जिले में 22 नई प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का संचालन शुरू किया गया है। इसके साथ ही जिले में अब 96 सक्रिय सहकारी समितियां 370 ग्राम पंचायतों के 653 गांवों के किसानों को खाद, बीज, कृषि ऋण और फसल बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं।

खाद और बीज वितरण में नया रिकॉर्ड

जिले में इस खरीफ सीजन के दौरान अब तक 29,060 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1,500 मीट्रिक टन अधिक है। बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशासन ने पिछले साल की अपेक्षा 5,000 मीट्रिक टन अधिक उर्वरक का भंडारण भी सुनिश्चित किया है।

वहीं किसानों को गुणवत्तापूर्ण खेती के लिए 12,432 क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए गए हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1,400 क्विंटल अधिक है।

कृषि ऋण वितरण में भी बढ़त

किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कृषि ऋण वितरण में भी धमतरी जिला बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। 350 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 317 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 265 करोड़ रुपये का ऋण वितरित हुआ था। इस बार किसानों को करीब 57 करोड़ रुपये अधिक की वित्तीय सहायता मिली है।

फसल बीमा योजना का लाभ उठाने की अपील

प्राकृतिक आपदाओं से फसलों की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों का पंजीयन जारी है। योजना में धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी, रागी और मूंगफली जैसी फसलें शामिल हैं।

किसान अपनी निकटतम प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, बैंक शाखा, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), बीमा कंपनी के पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से, अथवा पटवारी और कृषि अधिकारियों से संपर्क कर फसल बीमा का लाभ ले सकते हैं।

14447 पर मिलेगी जानकारी

जिला प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14447 भी जारी किया है। प्रशासन का लक्ष्य सहकारी समितियों के विस्तार, खाद-बीज की निर्बाध उपलब्धता, रिकॉर्ड कृषि ऋण वितरण और फसल बीमा के माध्यम से जिले के किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है।


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