MP Politics: शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार उन्होंने खुले मंच से कभी 15 लाख रुपये के इनामी रहे कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया की तारीफ करते हुए उसे अपना “सुख-दुख का साथी” बताया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।
‘क्या डाकू इंसान नहीं होता?’— विधायक का बयान
एक सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रीतम लोधी ने कहा कि रामबाबू गड़रिया के साथ उनके पुराने संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम दोनों एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी थे। मैंने उसके लिए आवाज उठाई थी। उस समय अखबारों में लिखा गया कि एक गुंडे ने डाकू का सहयोग किया, तो मैंने कहा था कि क्या डाकू इंसान नहीं होता?”
‘परिस्थितियों ने बनाया डकैत’
विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि रामबाबू गड़रिया जन्मजात अपराधी नहीं था, बल्कि परिस्थितियों और सामंतवादी व्यवस्था ने उसे डकैत बनने पर मजबूर किया।
उन्होंने कहा, “रामबाबू गड़रिया को परिस्थितियों ने डकैत बनाया था। वह डकैत बनने लायक नहीं था। हमारी मुलाकात जेल और जंगल दोनों जगह हुई थी। आज उसकी तस्वीर पर माल्यार्पण करना मेरे लिए गर्व की बात है।”
मंच पर तस्वीर पर चढ़ाई माला
जानकारी के अनुसार अहिल्याबाई होल्कर जयंती के अवसर पर बघेल समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रीतम लोधी शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान मंच पर रखी अहिल्याबाई होल्कर की तस्वीर के साथ रामबाबू गड़रिया की तस्वीर भी रखी गई थी, जिस पर विधायक ने फूलों की माला अर्पित की।
कुख्यात डकैत रहा है रामबाबू गड़रिया
रामबाबू गड़रिया कभी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों का कुख्यात डकैत माना जाता था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, अपहरण समेत 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था और पुलिस रिकॉर्ड में उसे टी-1 (टारगेट वन) श्रेणी में रखा गया था।
फिरौती के लिए अपहरण, सामूहिक हत्याओं और कई संगीन वारदातों में उसका नाम सामने आया था। विधायक के इस बयान और मंच पर माल्यार्पण की घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

