MP News : धार। मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला में 25 मई को इतिहास रच दिया गया। बताया जा रहा है कि पिछले करीब 750 वर्षों में पहली बार भोजशाला में मां वाग्देवी का पूरे विधि-विधान के साथ पूजन किया गया। खास बात यह रही कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने भोजशाला पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोजशाला में मां वाग्देवी की पूजा कर प्रदेशवासियों और धारवासियों को बधाई दी।
गंगा दशमी पर हुआ ऐतिहासिक आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोजशाला परिसर में प्रवेश करते ही मां वाग्देवी का ध्यान किया। उन्होंने कहा कि आज गंगा दशमी का पावन अवसर है और धार राजा भोज की नगरी है। राजा भोज, सम्राट विक्रमादित्य और हर्षवर्धन जैसे महान शासकों ने सनातन संस्कृति को विश्वभर में पहचान दिलाई। राजा भोज ने अनेक ग्रंथों की रचना की और ऐतिहासिक महत्व की इमारतों का निर्माण कराया।
“प्रधानमंत्री मोदी में फैसले लागू कराने का सामर्थ्य”
सीएम डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके 12 वर्षों के कार्यकाल में देश ने कई ऐतिहासिक निर्णय देखे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में न्यायालय के फैसलों को लागू करने का सामर्थ्य होना चाहिए और यह क्षमता प्रधानमंत्री मोदी में है। राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सफल अनुपालन इसका उदाहरण है।
“नई दुनिया में प्रवेश कर रहा है धार”
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि यह 750 साल पुराने संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब धार जिले को विकास के नए आयाम तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। धार में मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना की जाएगी। साथ ही पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में उत्पादित कपास से कपड़े तैयार कर निर्यात किए जाएंगे।
जल संरक्षण और विकास कार्यों पर जोर
सीएम ने कहा कि राजा भोज ने जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए थे और आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रदेश में 2 लाख 82 हजार से अधिक कार्यों का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम जारी है।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में:
- 55 हजार से अधिक खेत-तालाब बनाए गए,
- 105 अमृत सरोवरों का निर्माण हुआ,
- 8 लाख से ज्यादा जलदूत तैयार किए गए,
- 64 प्राचीन बावड़ियों और 64 तालाबों का संरक्षण किया जा रहा है।
- धार में 88 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार जिले में 88 करोड़ 4 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में धार प्रदेश का सबसे अग्रणी जिला बनेगा।

