Chhattisgarh Weather Update: रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अगले 48 घंटों में और मजबूत होकर उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश में अगले 5 दिनों तक बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश, आकाशीय बिजली और भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
कोरबा में सड़क पर बहकर आया मलबा, बस-कार फंसी
बारिश के बीच कोरबा में कनकी-सर्वमंगला मुख्य मार्ग पर एसईसीएल कुसमुंडा की डंपिंग का मलबा बहकर सड़क पर आ गया। इससे सड़क कीचड़ और मिट्टी से पट गई। मलबे में एक यात्री बस और कार फंस गई। वहीं अमरैया पारा, चिमनी भट्टा और शारदा विहार अटल आवास समेत आसपास के रिहायशी इलाकों में बारिश का गंदा पानी घुस गया। इससे दर्जनों घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
मैनपाट में बाइक समेत नदी में बहे युवक-युवती
सरगुजा के पर्यटन स्थल मैनपाट में बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया। घूमने आए एक युवक और युवती बाइक समेत घुनघुट्टा नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे एक स्थानीय व्यक्ति ने साहस दिखाते हुए करीब एक किलोमीटर दूर तक बह चुकी युवती को रस्सी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं तेज बहाव में बहे युवक की तलाश जारी है।
रायपुर में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
राजधानी रायपुर में 30 अगस्त को आसमान में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान अंबिकापुर में 28.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 22 डिग्री सेल्सियस रहा।
सामान्य से 4 फीसदी कम है बारिश
छत्तीसगढ़ में फिलहाल मानसूनी बारिश सामान्य से करीब 4 फीसदी कम है। हालांकि, नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में बारिश के आंकड़ों में सुधार की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने लोगों को आकाशीय बिजली से बचाव के लिए खुले मैदानों में जाने और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से भी दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

