MP Bhopal News: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के लाखों पट्टाधारियों को बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया गया। मंत्रिमंडल ने स्वामित्व योजना के तहत चिन्हित 48 लाख 32 हजार से अधिक लाभार्थियों को उनकी जमीन की मुफ्त रजिस्ट्री कराने का निर्णय लिया है। इस फैसले से गरीब और ग्रामीण परिवारों को बैंक ऋण सहित अन्य सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी। इस योजना पर सरकार को लगभग 3800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार वहन करना पड़ेगा।
स्वामित्व प्रमाणपत्र के बाद भी नहीं मिल रहा था लोन
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में सर्वे कराया गया था। सर्वे में 48.32 लाख निजी संपत्तियों और 19 लाख से अधिक शासकीय संपत्तियों की पहचान की गई थी।
हालांकि लाभार्थियों को स्वामित्व प्रमाणपत्र मिलने के बावजूद बैंक ऋण देने में रजिस्ट्री की शर्त रख रहे थे। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने सभी पात्र पट्टाधारियों की जमीन की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का निर्णय लिया है।
पीएम सूर्य घर योजना से 40 लाख घरों को लाभ
कैबिनेट बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत प्रदेश के लगभग 40 लाख घरों को लाभ मिल रहा है। वहीं किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत मध्यप्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यूसीसी पर 30 जुलाई तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य
बैठक में मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में चल रही प्रक्रिया को 30 जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रिकॉर्ड गेहूं खरीदी पर जताया आभार
कैबिनेट में प्रदेश में हुई रिकॉर्ड गेहूं खरीदी की भी समीक्षा की गई। इस वर्ष 13.42 लाख किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीदी की गई है। मुख्यमंत्री ने किसानों और संबंधित विभागों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गेहूं उपार्जन में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले
- कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को सिलवाकर यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी।
- यूनिफॉर्म निर्माण के लिए गारमेंट उद्योगों को टेंडर दिए जाएंगे।
- 17 हजार करोड़ रुपये की मेडिकल कॉलेज परियोजनाओं की निरंतरता को मंजूरी।
- इंदौर जिला न्यायालय भवन के लिए 626 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित राशि स्वीकृत।
- पीएम मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- भोजशाला दर्शन और सरस्वती लोक निर्माण परियोजना को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा हुई।
सरकार के इस फैसले को ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि अब उन्हें अपनी जमीन की रजिस्ट्री के लिए अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा और बैंकिंग सुविधाओं का लाभ लेने का रास्ता भी आसान होगा।

