Chhattisgarh Dhamtari News: धमतरी। जिले के वनांचल नगरी क्षेत्र में रहने वाले विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) का दर्जा प्राप्त भुंजिया समुदाय के करीब 450 परिवार अपनी समस्याएं लेकर कलेक्ट्रेट जनदर्शन में पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन को आवेदन सौंपकर विशेष पिछड़ी जनजाति के परियोजना कार्यालय को गरियाबंद से धमतरी जिले के नगरी में स्थानांतरित करने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से ही उन्हें विभिन्न शासकीय कार्यों के लिए गरियाबंद जिले के चक्कर लगाने पड़ते हैं। नगरी क्षेत्र से गरियाबंद जाने में उन्हें समय और संसाधन दोनों खर्च करने पड़ते हैं। क्षेत्र में भुंजिया जनजाति के लगभग 450 परिवार निवास करते हैं, जिन्हें सरकारी योजनाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए दूर जाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष पिछड़ी जनजाति का परियोजना कार्यालय नगरी में स्थापित किया जाए। इससे समुदाय के लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ लेने और जरूरी प्रशासनिक कार्यों के लिए बार-बार दूसरे जिले जाने की परेशानी से राहत मिल सकेगी।
मामले में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की जनसंख्या के आधार पर परियोजना कार्यालय स्थापित किए गए थे। गरियाबंद में भुंजिया जनजाति की आबादी अधिक होने के कारण वहां परियोजना कार्यालय बनाया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ ग्रामीण नगरी में भी कार्यालय खोलने की मांग लेकर पहुंचे थे। चूंकि यह विशेष पिछड़ी जनजाति से जुड़ा मामला है, इसलिए ग्रामीणों का आवेदन उच्चस्तर पर भेज दिया गया है।

