Chhattisgarh Latest News: छत्तीसगढ़। भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के पहले दो दिवसीय दौरे के दौरान रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में स्वागत को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में स्वागत के लिए प्रदेश पदाधिकारी और कार्यकर्ता कतार में खड़े थे, लेकिन स्मृति ईरानी ने कथित तौर पर फूल, गुलदस्ते और शॉल स्वीकार नहीं किए। इस घटनाक्रम का वीडियो कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साझा किया और भाजपा पर कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं देने का आरोप लगाया। हालांकि, स्वागत सामग्री स्वीकार नहीं करने के पीछे स्मृति ईरानी की ओर से कोई स्पष्ट वजह सामने आने की जानकारी नहीं है।
बताया जा रहा है कि स्वागत के दौरान स्मृति ईरानी ने एक कार्यकर्ता से चश्मा उतारने के लिए भी कहा। वहीं, रायपुर जिलाध्यक्ष रमेश ठाकुर द्वारा पदाधिकारियों का परिचय कराए जाने पर उन्होंने कहा कि वे स्वयं सभी से बात कर लेंगी। इस घटनाक्रम को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने वीडियो के आधार पर भाजपा संगठन में कार्यकर्ताओं की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
स्मृति ईरानी ने दौरे के पहले दिन भाजपा प्रदेश मुख्यालय में नौ घंटे से अधिक समय तक संगठनात्मक बैठकें कीं। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्रियों, प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग और जिला प्रभारियों तथा सह-प्रभारियों के साथ संगठन की गतिविधियों की समीक्षा की गई। इसके अलावा पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और निगम-मंडल, बोर्ड एवं आयोगों के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों के साथ भी बैठकें हुईं।
बैठकों के दौरान स्मृति ईरानी ने पूर्व सांसदों और विधायकों से वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की दोबारा सरकार बनाने की रणनीति को लेकर सवाल किया। उन्होंने संगठन की गतिविधियों की जानकारी ली और पदाधिकारियों को एकजुट होकर काम करने के निर्देश दिए। साथ ही सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक के दौरान कुछ मंत्रियों को लेकर शिकायतें सामने आने की बात भी कही गई है।
दिनभर की बैठकों के बाद स्मृति ईरानी भाजपा मुख्यालय से रवाना हो गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, वे बिना पारंपरिक प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था के परिसर से निकलीं। दौरे के दूसरे दिन उनके विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के साथ बैठक करने का कार्यक्रम है। इन बैठकों में सरकार और संगठन के बीच समन्वय सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा होनी है। वहीं, स्वागत के दौरान हुए घटनाक्रम पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।

