Chhattisgarh Kawardha News: कवर्धा। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कबीरधाम जिला कार्यालय के सभाकक्ष में गौ सेवकों और संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में सड़कों पर विचरण करने वाले, बीमार एवं घायल पशुओं के रेस्क्यू, उपचार और उनके लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने गौ सेवकों से उनके कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली और पशुओं के बेहतर संरक्षण एवं उपचार के लिए सुझाव भी लिए।
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गौ सेवकों द्वारा किए जा रहे सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि वे दिन-रात बीमार और घायल पशुओं की सेवा में जुटे रहते हैं। गौ सेवक सड़क पर घायल अवस्था में मिले पशुओं का रेस्क्यू कर उन्हें उपचार के लिए पशु चिकित्सालय तक पहुंचाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौ सेवकों के सेवा कार्य और घायल पशुओं के रेस्क्यू से संबंधित मामलों में संपर्क व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाए।
उप मुख्यमंत्री ने बैठक में पशुपालन विभाग के चिकित्सकों, सहायक चिकित्सकों और उपलब्ध अन्य मानव संसाधन के साथ विभागीय सेटअप की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों की पदस्थापना, विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उपलब्धता और जहां चिकित्सकीय सेवाओं की आवश्यकता है, उसकी जानकारी भी ली। उन्होंने सभी चिकित्सकों की बैठक आयोजित कर जिले में पशुओं के उपचार और रेस्क्यू व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पशुओं के उपचार की अधिक आवश्यकता है, वहां पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बीमार और घायल पशुओं को समय पर उपचार मिल सके।
विजय शर्मा ने जिले में उपलब्ध पशु रेस्क्यू वाहन को 24 घंटे संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल या बीमार पशुओं की सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंच सके, इसके लिए जिम्मेदारी और संपर्क व्यवस्था को भी व्यवस्थित किया जाए।
बैठक में स्वर्ण जयंती परिसर का निरीक्षण कर वहां पशु चिकित्सालय को शिफ्ट करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने गौ सेवकों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से परिसर का निरीक्षण कर पशु चिकित्सालय को स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराने कहा। उन्होंने कहा कि बड़े और व्यवस्थित स्थान पर पशुओं के उपचार, देखभाल और विश्राम के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित की जा सकती है, जहां बीमार और घायल पशुओं को सुरक्षित स्थान, पर्याप्त खुला क्षेत्र और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने के लिए आसपास के गांवों के किसानों को अधिक से अधिक पैरादान के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान फसल अवशेष के रूप में उपलब्ध पैरा जलाने के बजाय गौवंश के लिए दान करें, इससे पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। गौ सेवकों और संबंधित लोगों से वीडियो तथा अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए किसानों को पैरादान के लिए जागरूक करने कहा गया।
बैठक में सड़क पर बैठे पशुओं को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए दुर्घटना संभावित और अत्यधिक मोड़ वाले स्थानों को चिन्हांकित करने पर भी चर्चा हुई। ऐसे स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार बेरिकेडिंग या अन्य सुरक्षा उपाय करने का सुझाव दिया गया, ताकि सड़क पर बैठे पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही वाहन चालकों को भी ऐसे स्थानों पर सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने की बात कही गई।
बैठक में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा सहित जनप्रतिनिधि, गौ सेवक और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

