Jaijaipur News : विधिक जागरूकता शिविर में नालसा की योजनाओं और निशुल्क कानूनी सहायता की दी जानकारी

Jaijaipur News : विधिक जागरूकता शिविर में नालसा की योजनाओं और निशुल्क कानूनी सहायता की दी जानकारी

Chhattisgarh Jaijaipur News: जैजैपुर। सक्ती जिले के जैजैपुर स्थित संस्कार स्कूल में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा के प्रधान न्यायाधीश एवं सह-अध्यक्ष के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, अधिकार मित्र, स्कूल के शिक्षक और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एवं अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति जैजैपुर राजेश खलखो ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का अपना नाम पढ़ लेना या कोई वाक्य लिख लेना साक्षरता का पहला चरण हो सकता है, लेकिन वर्तमान समय में साक्षरता का अर्थ इससे कहीं अधिक व्यापक है।

उन्होंने बताया कि आज पढ़ना-लिखना इसलिए जरूरी है, ताकि लोग उपलब्ध जानकारी को समझ सकें, सही निर्णय ले सकें, रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें और समाज में अपनी बात मजबूती से रख सकें। डिजिटल युग में साक्षरता का मतलब मोबाइल, इंटरनेट और ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी को समझना भी है। इंटरनेट पर मौजूद सही और गलत जानकारी के बीच अंतर कर पाना भी आज की साक्षरता का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

न्यायाधीश राजेश खलखो ने कहा कि साक्षरता व्यक्ति को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपने अधिकारों को समझने के साथ समाज में बेहतर तरीके से भागीदारी कर सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में अभी भी बड़ी संख्या में लोग बुनियादी साक्षरता से दूर हैं, इसलिए साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की जरूरत है।

अधिकार मित्र लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल ने बताया कि साक्षरता के क्षेत्र में पिछले कई दशकों में काफी प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने यूनेस्को के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि दुनिया में करीब 739 मिलियन युवा और वयस्क अभी भी बुनियादी साक्षरता कौशल से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि साक्षरता दिवस केवल उपलब्धियों का जश्न मनाने का दिन नहीं है, बल्कि उन लोगों तक शिक्षा पहुंचाने की जिम्मेदारी याद दिलाने का अवसर भी है, जो आज शिक्षा से दूर हैं।

अधिकार मित्र भगवती भारद्वाज ने बच्चों की अनिवार्य शिक्षा और भारतीय संविधान में दिए गए शिक्षा के अधिकार की जानकारी दी। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। इसके साथ ही नालसा की योजनाओं, निशुल्क विधिक सहायता पाने की पात्रता और नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम में संस्कार स्कूल के प्राचार्य रामशरण वैष्णव ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उद्देश्य और वर्तमान समय में शिक्षा एवं साक्षरता की जरूरत पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हर व्यक्ति का साक्षर होना बेहद जरूरी है, क्योंकि शिक्षा के बिना व्यक्ति अपने अधिकारों और उपलब्ध अवसरों का पूरी तरह लाभ नहीं उठा सकता।

इस अवसर पर बी.एस. चौहान, के.एल. चंद्रा प्रधान पाठक सहित स्कूल का समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लोगों को शिक्षा के साथ-साथ अपने कानूनी अधिकारों और निशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी जागरूक किया गया।


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