CG Balod Police Abhiyan: बालोद। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर बालोद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे जागरूकता और सख्त कार्रवाई अभियान से सड़क दुर्घटनाओं और मौतों के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
सड़क हादसों में मौतों में 18.33 प्रतिशत की कमी
यातायात विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 18.33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जिले में 238 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 120 लोगों की जान गई थी। वहीं इस वर्ष अब तक 230 सड़क हादसे दर्ज हुए हैं और मृतकों की संख्या घटकर 98 रह गई है।
17 हजार से ज्यादा वाहन चालकों पर कार्रवाई
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने व्यापक अभियान चलाया। वर्ष 2026 में अब तक 17,612 वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई है। इस दौरान पुलिस ने 69 लाख 52 हजार 500 रुपये का अर्थदंड वसूलकर सरकारी खजाने में जमा कराया है।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सबसे बड़ी कार्रवाई
विशेष अभियान के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वाले 324 चालकों को पकड़ा गया। इन मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां आरोपियों पर कुल 34 लाख 26 हजार 700 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
हेलमेट और सीट बेल्ट नियम तोड़ने वालों पर भी शिकंजा
पुलिस ने बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 879 बाइक चालकों पर कार्रवाई करते हुए 4 लाख 41 हजार रुपये का जुर्माना वसूला। वहीं सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले 441 चारपहिया वाहन चालकों से 2 लाख 41 हजार 600 रुपये का समन शुल्क वसूला गया।
लगातार मैदान में जुटी है यातायात टीम
अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) बोनीफास एक्का और यातायात प्रभारी निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में यातायात टीम लगातार सड़कों पर निगरानी और कार्रवाई कर रही है। पुलिस का मानना है कि जागरूकता और सख्ती के संयुक्त प्रयासों से सड़क सुरक्षा में सुधार संभव हुआ है।
जनता से नियमों का पालन करने की अपील
यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, नाबालिगों को वाहन न सौंपें तथा यातायात नियमों का पालन करें।
पुलिस ने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। सड़क सुरक्षा में जनसहयोग ही दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है।

