Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। जिला खेल परिसर, सरकंडा स्थित तरणताल में 16वीं राज्य स्तरीय जूनियर एवं सब-जूनियर बालक-बालिका तैराकी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 9 जिलों से करीब 250 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की नई तैराकी प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों का चयन करना है।
प्रतियोगिता में अंडर-11, अंडर-12, अंडर-14, अंडर-15 और अंडर-17 आयु वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। दो दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में युवा तैराक विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी क्षमता और तकनीक का प्रदर्शन कर रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में प्रदेश के 9 जिलों के लगभग 250 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिताओं के लिए किया जाएगा। चयनित सब-जूनियर खिलाड़ी जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में, जबकि जूनियर वर्ग के खिलाड़ी भुवनेश्वर में होने वाली राष्ट्रीय तैराकी चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।
जिला तैराकी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताएं ग्रामीण और छोटे शहरों की छिपी हुई प्रतिभाओं को आगे लाने का प्रभावी माध्यम हैं। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों और उचित मंच के अभाव में अपनी क्षमता नहीं दिखा पाते, लेकिन ऐसे आयोजन उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस बार बिलासपुर सहित प्रदेश के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे। विशेष रूप से बिलासपुर की उभरती तैराक शिवांगनी पांडे से बेहतर प्रदर्शन और पदक की उम्मीद की जा रही है।
जिला तैराकी संघ के पदाधिकारी हेमंत सिंह ने कहा कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा साबित करने का महत्वपूर्ण मंच है और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की दिशा में बड़ा अवसर भी।
प्रदेश के युवा तैराकों के लिए यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की मजबूत सीढ़ी साबित हो सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बिलासपुर और छत्तीसगढ़ के कौन-कौन से खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराने में सफल होते हैं।

