Gold-Silver Rate Today: नई दिल्ली। मई महीने से पहले अप्रैल अंत में भारतीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर में मजबूती के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत प्रभावित हो रही है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं (जैसे रुपया) के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे घरेलू मांग पर दबाव पड़ता है और कीमतों में उतार-चढ़ाव दिखता है।
26 अप्रैल 2026 को भारतीय सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम का भाव 1, 54,190 रुपये चल रहा है। वहीं, 22 कैरेट सोने के 10 ग्राम की कीमत 141,350 रुपये दर्ज की गई है। चांदी के दाम 2.60,000 लाख रुपए के आसपास ट्रेंड कर रहे हैं। बता दें कि भारत में सोने-चांदी के मानक भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए जाते हैं। शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के दिन नए रेट जारी नहीं होते हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता बैठक टल गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बैठक को केवल समय की बर्बादी बताया है ऐसे में इस बढ़ते तनाव ने वैश्विक अनिश्चितता पैदा की है। चुंकी जब भी युद्ध या तनाव जैसी स्थिति बनती है, निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे मांग बढ़ती है और कीमतें ऊपर जाती हैं, लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति औंस के पार चल रही है। जब तक तनाव खत्म नहीं होता है तब तक कच्चे तेल की कीमतों में सुधार होना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई को बढ़ावा देती हैं।
अगर महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकते हैं, जो सोने के लिए अच्छे संकेत नहीं होंगे। फिलहाल सबकी नजरें अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की 28-29 अप्रैल, 2026 को होने वाली मौद्रिक नीति बैठक पर है जो आगे की दिशा तय करने में एक प्रमुख कारक साबित होगी। निवेशक भी सोने-चांदी की कीमतों और शेयर बाजार की दिशा तय करने के लिए इस बैठक पर नजर जमाए हुए हैं। भारत में भी शादी-ब्याह के सीजन की वजह से फिजिकल डिमांड मजबूत बनी हुई है। चांदी की कीमतों में उछाल का कारण बढ़ती औद्योगिक मांग है, खासकर ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में चांदी का इस्तेमाल बढ़ने से कीमतों पर असर देखने को मिलता है।
अगर आप शादी, फंक्शन या किसी विशेष मौके के लिए सोना खरीदने जा रहे है, तो ध्यान रखें इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी रेट में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते। इसलिए, अलग-अलग शहरों और शोरूम्स में अंतिम दाम अलग हो सकते हैं। सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क और HUID कोड की जांच अवश्य करें। इसके अलावा 24 कैरेट (99.9%) सोना सबसे शुद्ध होता है। 22 कैरेट में 91.6 % और 18 कैरेट में 75% शुद्धता होती है। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है इसे निवेश की सलाह ना मानें। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या बाजार विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

