Dhamtari News: कोलियारी में अतिक्रमण नोटिस से दहशत, प्रशासन बोला- मकान नहीं, सिर्फ बाड़ी और बाउंड्रीवाल हटेगी

Dhamtari News: कोलियारी में अतिक्रमण नोटिस से दहशत, प्रशासन बोला- मकान नहीं, सिर्फ बाड़ी और बाउंड्रीवाल हटेगी

Chhattisgarh Dhamtari News: धमतरी। जिले के कोलियारी गांव में अतिक्रमण हटाने संबंधी नोटिस चस्पा होने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। करीब 2000 की आबादी वाले इस गांव में 50 से अधिक परिवार खुद को प्रभावित मान रहे हैं। लोगों को आशंका है कि उनके मकान तोड़े जा सकते हैं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी मकान को नहीं हटाया जाएगा। कार्रवाई केवल शासकीय भूमि पर घर के अलावा बनाई गई बाड़ी और बाउंड्रीवाल तक सीमित रहेगी।

नोटिस में अवैध कब्जाधारियों को बिना पूर्व सूचना अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दिए जाने के बाद गांव में लगातार बैठकें हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नकटी गांव में हुई कार्रवाई के बाद वे भी अपने घरों को लेकर चिंतित हैं। उनका दावा है कि कई परिवार पिछले 40 से 50 वर्षों से यहां रह रहे हैं, जबकि कुछ लोग 20 वर्षों से बसे हुए हैं। गांव में पुराने मकानों के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घर भी मौजूद हैं।

एक दिन पहले स्थानीय विधायक गांव पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर लोगों को भरोसा दिलाया कि मुख्य मकानों को नहीं तोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां लोग रह रहे हैं, वहां कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, जबकि खाली सरकारी जमीन पर नए अतिक्रमण को रोका जाना चाहिए।

ग्रामीणों ने बताया कि उनके आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बिजली बिल, नल टैक्स सहित सभी सरकारी दस्तावेज इसी पते पर बने हैं। वे वर्षों से करों का भुगतान भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके पूर्वज भी इसी स्थान पर रहते थे और जमीन को लेकर पहले कभी कोई विवाद नहीं हुआ।

ग्रामीणों का आरोप है कि किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत नोटिस नहीं दिया गया। केवल सार्वजनिक सूचना के रूप में नोटिस चस्पा की गई है। पंचायत स्तर पर भी पहले कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई जानकारी साझा की गई। उनका कहना है कि उनका पूरा जीवन इसी गांव से जुड़ा है और वे कहीं और नहीं जाना चाहते।

प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि किसी भी मकान को तोड़ने की कोई योजना नहीं है। केवल सरकारी जमीन पर घर के अलावा बनाई गई बड़ी-बड़ी बाड़ियां और बाउंड्रीवाल हटाई जाएंगी, ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उस भूमि का उपयोग सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जा सके।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी निजी संस्था को जमीन देने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। कलेक्टर कार्यालय को कौशल विकास विभाग की ओर से भूमि उपलब्ध कराने का पत्र मिला है, जिसके तहत खाली शासकीय भूमि की पहचान की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार खसरा नंबर 905, 906 और 907 शासकीय भूमि के रूप में दर्ज हैं और इन्हीं रिकॉर्ड के आधार पर जांच की जा रही है। अधिकांश मकान पुराने हैं और कई प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने हैं, इसलिए फिलहाल किसी भी आवासीय मकान को हटाने की कार्रवाई नहीं होगी।

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा है कि वर्तमान में केवल शासकीय भूमि को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया चल रही है। किसी परिवार को बेघर करने की कोई मंशा नहीं है।


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