MP Damoh News: दमोह। मध्य प्रदेश के विश्वप्रसिद्ध जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर में शनिवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब कॉरिडोर परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान दो पक्ष आपस में भिड़ गए। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस विवाद के चलते बैठक में अफरा-तफरी मच गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर बांदकपुर धाम में भव्य कॉरिडोर विकसित कर रही है। इसी परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव अधिकारियों और मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बांदकपुर पहुंचे थे। निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के बाद मंदिर कार्यालय में बैठक आयोजित की गई थी।
बैठक के दौरान मंदिर परिसर के पास कथित अतिक्रमण का मुद्दा उठते ही माहौल गर्म हो गया। स्थानीय शिव भक्तों और क्षेत्रीय सरपंच सुनील डबलुया के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। आरोप लगाया गया कि मंदिर परिसर के निकट अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है, जिसे लेकर बैठक में चर्चा हो रही थी।
विवाद बढ़ने पर सरपंच सुनील डबलुया और शिव भक्तों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और हाथापाई की नौबत आ गई। बैठक में मौजूद अधिकारियों और मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों की मौजूदगी के बावजूद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप जारी रखे।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाला। दोनों पक्षों को अलग कर हालात को शांत कराया गया। इसके बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को समझाइश दी और विवाद को शांत कराया।
घटना के बाद कलेक्टर ने बताया कि मामले को सुलझा लिया गया है और सभी संबंधित पक्ष क्षेत्र के विकास कार्यों में सहयोग के लिए सहमत हो गए हैं। हालांकि, इस घटनाक्रम ने मंदिर परिसर के आसपास अतिक्रमण से जुड़े पुराने विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
दमोह से बड़ी खबर, बांदकपुर कॉरिडोर समीक्षा बैठक में हंगामा, कलेक्टर के सामने भिड़े दो पक्ष pic.twitter.com/d0WXcWyag8
— Shyam Dwivedi (@ShyamDwive95361) May 31, 2026

