रायपुर/सक्ती। जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट हादसे के बाद कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। मजदूरों की मौत और 50 से ज्यादा श्रमिकों के घायल होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने 10 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर बनाई गई यह समिति मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच करेगी और जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में जांच
कांग्रेस ने इस मामले में अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी दी है। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को समिति का संयोजक बनाया गया है। उनके साथ पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा समेत कई विधायक और जिला कांग्रेस अध्यक्षों को शामिल किया गया है।
समिति के सदस्य
- संयोजक: जयसिंह अग्रवाल (पूर्व मंत्री)
- सदस्य: नोबेल वर्मा (पूर्व मंत्री)
- सदस्य: रामकुमार यादव (विधायक, चन्द्रपुर)
- सदस्य: अटल श्रीवास्तव (विधायक, कोटा)
- सदस्य: बालेश्वर साहू (विधायक, जैजैपुर)
- सदस्य: राघवेन्द्र सिंह (विधायक, अकलतरा)
- सदस्य: व्यास कश्यप (विधायक, जांजगीर-चांपा)
- सदस्य: शेषराज हरवंश (विधायक, पामगढ़)
- सदस्य: रश्मि गबेल (अध्यक्ष, DCC सक्ती)
- सदस्य: राजेश अग्रवाल (अध्यक्ष, DCC जांजगीर-चांपा)
ग्राउंड जीरो पर होगी जांच
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि समिति केवल औपचारिकता नहीं निभाएगी, बल्कि घटनास्थल का दौरा कर जमीनी हकीकत सामने लाएगी। टीम प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करेगी, घायलों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात करेगी तथा प्लांट प्रबंधन से हादसे के तकनीकी कारणों और सुरक्षा मानकों में हुई चूक की जानकारी लेगी। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों से भी बातचीत कर पूरे मामले का आकलन किया जाएगा।
जल्द सौंपेगी रिपोर्ट
जांच समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी। इस कदम के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और प्लांट प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों को लेकर दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

