Chhattisgarh Weather News: रायपुर। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य हिस्सों में मानसून सक्रिय है। प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है। बीते 24 घंटे में सरगुजा और बिलासपुर संभाग में हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 24 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
सरगुजा के पोंडी बचरा में 14 सेमी बारिश
बीते 24 घंटे में सरगुजा संभाग के पोंडी बचरा में सबसे ज्यादा 14 सेंटीमीटर यानी 140 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। बलरामपुर जिले में भारी बारिश और जलभराव के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया।
कोरिया जिले में भी बारिश का असर देखने को मिला। यहां कई स्कूलों में समय से पहले छुट्टी कर दी गई। सुबह स्कूल पहुंचे बच्चों को बारिश तेज होने के बाद स्कूल प्रबंधन ने सुरक्षित घर भेज दिया।
अंबिकापुर में घर-दुकानों में घुसा गंदा पानी
अंबिकापुर के रिहायशी इलाकों में लगातार बारिश के बाद ड्रेनेज सिस्टम प्रभावित हो गया। नालियां और ड्रेनेज चोक होने के कारण गंदा पानी घरों और दुकानों में घुस गया। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रयास किए गए।
बिलासपुर में दिन-रात का तापमान लगभग बराबर
बिलासपुर में लगातार दूसरे दिन बारिश का दौर जारी रहा। बुधवार सुबह 8:30 बजे तक 46 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि शाम तक 5.7 मिलीमीटर अतिरिक्त बारिश हुई। बारिश के कारण दिन का अधिकतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन और रात के तापमान में मामूली अंतर के चलते मौसम में ठंडक महसूस हुई।
एमसीबी में घुटनों तक पानी
एमसीबी जिले में भी लगातार बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। मनेन्द्रगढ़ की VIP कॉलोनी की सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई।
वहीं भरतपुर क्षेत्र में मिट्टी के कटाव के कारण मनेन्द्रगढ़-जनकपुर मुख्य मार्ग पर विशाल पीपल का पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने से सड़क पर आवागमन बाधित हो गया। सुरक्षा को देखते हुए मार्ग पर दोनों तरफ से आवाजाही बंद कर दी गई। PWD, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम पेड़ को हटाने में जुटी रही।
गंगरेल बांध के दो गेट खोले गए
लगातार बारिश और जलभराव के बीच प्रदेश के प्रमुख गंगरेल बांध से भी पानी छोड़ा गया है। बांध के दो गेट खोल दिए गए हैं और 4 हजार क्यूसेक से अधिक पानी रुद्री बैराज की ओर भेजा गया है। प्रशासन ने बांध के आसपास के गांवों में अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
दुर्ग-भिलाई में एक सप्ताह में 70.4 मिमी बारिश
दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में 27 अगस्त से 2 सितंबर के बीच कुल 70.4 मिलीमीटर यानी करीब 2.77 इंच बारिश दर्ज की गई। इस दौरान सबसे ज्यादा 29.4 मिलीमीटर बारिश 30 अगस्त को हुई। क्षेत्र में मानसून की गतिविधियां बनी हुई हैं और आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना है।
बस्तर में 6 सितंबर तक बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार बस्तर संभाग में 2 से 6 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मानसून की गतिविधियों के कारण बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं।
24 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने आज छत्तीसगढ़ के 24 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। ऐसे में लोगों को बारिश के दौरान खुले स्थानों, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
लगातार बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट
प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में लगातार बारिश से कई स्थानों पर जलभराव और आवागमन प्रभावित हुआ है। स्कूलों में छुट्टी, सड़कों पर पानी और पेड़ गिरने की घटनाओं के बीच स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमान को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

