Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, बस्तर के कायाकल्प और राज्य की प्रमुख अधोसंरचना परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव में प्रस्तावित ₹10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना, बस्तर के 461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने तथा रायपुर या बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के समक्ष ‘बस्तर विजन’ का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसी योजनाओं के जरिए 5,542 गांवों के लगभग 39 लाख लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर में 421 बंद स्कूल दोबारा शुरू किए गए हैं और ओरछा व जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने की तैयारी चल रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। वहीं सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क के विस्तार के साथ बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बस्तर ओलंपिक में चार लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी को सकारात्मक बदलाव का संकेत बताया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, ₹500 करोड़ के राज्य AI मिशन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार, 10.42 लाख ‘लखपति दीदी’ बनने और वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ की जानकारी भी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया और विश्वास जताया कि केंद्र सरकार राज्य की प्रमुख विकास परियोजनाओं को सकारात्मक सहयोग प्रदान करेगी।

