Chhattisgarh Latest News: छत्तीसगढ़। राज्य गठन के 26 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की विकास यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के संकल्प में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में प्रदेश को करीब 8.6 लाख करोड़ रुपये की निवेश प्रतिबद्धताएं मिली हैं। सरकार का जोर बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, औद्योगिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने पर है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत की विकास यात्रा राज्यों के सामर्थ्य से आगे बढ़ेगी और छत्तीसगढ़ अपने प्राकृतिक संसाधनों को आर्थिक अवसरों में बदलने की क्षमता रखता है। प्रदेश का लक्ष्य किसानों को समृद्ध करना, महिलाओं को सशक्त बनाना और युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का भी उल्लेख किया।
साय ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश में सुरक्षा, सुशासन और विकास को गति मिली है। उनके अनुसार, शांति विकास का आधार, सुशासन उसकी नींव और जनभागीदारी उसकी स्थायी शक्ति है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत प्रदेश में करीब 24.50 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 20.65 लाख मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। जल जीवन मिशन के माध्यम से 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने की बात भी कही गई है। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण और सौर ऊर्जा योजनाओं को भी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में अहम बताया गया है। किसानों को धान के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान किए जाने का भी उल्लेख किया गया।
सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी को प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष रेलवे के लिए 7470 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। वर्ष 2014 के बाद छत्तीसगढ़ में 1328 किलोमीटर रेल ट्रैक बिछाया गया है। रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे और अन्य आर्थिक कॉरिडोर प्रदेश को नए बाजारों से जोड़ने में मदद करेंगे। बेहतर कनेक्टिविटी से किसानों को बाजार, उद्योगों को परिवहन और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश की 7524 ग्राम पंचायतों में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं। भारतनेट 3.0 के तहत हाई-स्पीड इंटरनेट का विस्तार किया जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा से दूरस्थ गांवों की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बस्तर के विकास और सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे इस क्षेत्र में सुरक्षा प्रयासों, प्रशासनिक पहुंच और स्थानीय भागीदारी के जरिए नई संभावनाएं उभर रही हैं। ‘नियद नेल्लानार’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसी पहल के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक सरकारी योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं।
महिला सशक्तीकरण के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है। स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित कर महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और परिवारों की स्थिति में सुधार लाना है।
औद्योगिक विकास को लेकर साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा, कृषि उत्पादन और बेहतर अधोसंरचना निवेश के लिए अनुकूल आधार तैयार करते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में मिली करीब 8.6 लाख करोड़ रुपये की निवेश प्रतिबद्धताओं को उन्होंने प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं का संकेत बताया। नई औद्योगिक नीति और कारोबार को आसान बनाने वाले सुधारों के जरिए निवेश आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। नवा रायपुर में डाटा सेंटर और आधुनिक तकनीक से जुड़ी परियोजनाएं भी नई अर्थव्यवस्था के विकास का हिस्सा हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सुशासन, वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ को प्रदेश के दीर्घकालिक विकास की दिशा तय करने वाला रोडमैप बताते हुए उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प दोहराया।

