CG News: ‘सड़क नहीं तो चक्काजाम जारी रहेगा’, पामगढ़ में उग्र हुआ आंदोलन, बाजार भी रहा बंद

CG News: ‘सड़क नहीं तो चक्काजाम जारी रहेगा’, पामगढ़ में उग्र हुआ आंदोलन, बाजार भी रहा बंद

Chhattisgarh News: जांजगीर-चांपा। जिले के पामगढ़ में डोंगाकोहरौद सड़क के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को आंदोलन ने और उग्र रूप धारण कर लिया, जब सुबह करीब 10 बजे से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पामगढ़ के अंबेडकर चौक पर चक्काजाम शुरू कर दिया। आंदोलन की अगुवाई महिलाओं ने की, जबकि पुरुष, युवा, किसान और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल हुए। सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन और चक्काजाम जारी रहेगा।

वर्षों से बदहाल सड़क बनी आंदोलन की वजह

ग्रामीणों का कहना है कि डोंगाकोहरौद सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। बारिश के मौसम में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालक आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं, वहीं स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और व्यापारियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले। इसी कारण ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया।

पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं 8 युवक

सड़क निर्माण की मांग को लेकर गांव के आठ युवक पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। युवकों का कहना है कि जब तक सड़क निर्माण की स्पष्ट तारीख घोषित नहीं की जाती और काम शुरू नहीं होता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। अनशन के समर्थन में अब बड़ी संख्या में ग्रामीण भी आंदोलन में शामिल हो गए हैं, जिससे यह विरोध प्रदर्शन जन आंदोलन का रूप ले चुका है।

महिलाओं ने संभाली आंदोलन की कमान

शुक्रवार को आंदोलन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। महिलाओं ने अंबेडकर चौक पर बैठकर सड़क निर्माण की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि खराब सड़क के कारण सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण परिवारों को उठानी पड़ रही है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होगा, तब तक वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगी।

व्यापारियों ने भी दिया आंदोलन को समर्थन

ग्रामीणों के आंदोलन को पामगढ़ के व्यापारियों का भी भरपूर समर्थन मिला। प्रदर्शन के समर्थन में नगर के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। बाजार में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा और आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ। व्यापारियों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ रहा है, इसलिए वे ग्रामीणों की मांग का समर्थन कर रहे हैं।

भारी पुलिस बल तैनात, अधिकारी मौके पर मौजूद

चक्काजाम और बढ़ते आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। अंबेडकर चौक और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं। यातायात प्रभावित होने के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ रहा है।

एसडीएम ने दिया आश्वासन, लेकिन नहीं माने ग्रामीण

आंदोलन को समाप्त कराने के लिए एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि फिलहाल सड़क की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है और दिसंबर माह से सड़क निर्माण का कार्य शुरू करने की योजना है। उन्होंने आंदोलन समाप्त करने की अपील भी की, लेकिन ग्रामीण प्रशासन के आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें वर्षों से केवल आश्वासन ही मिलता रहा है। इस बार वे केवल लिखित आदेश और निर्माण कार्य शुरू होने के बाद ही आंदोलन समाप्त करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक चक्काजाम और आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासन समाधान की कोशिश में जुटा

फिलहाल प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच लगातार बातचीत जारी है। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी भी प्रकार की सहमति नहीं बन सकी थी। चक्काजाम के चलते पामगढ़ क्षेत्र में यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं, वहीं ग्रामीण अपनी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।


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