Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। NEET UG 2026 के परिणाम को चुनौती देने वाली छात्रा बी. सहिति की याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से विस्तृत जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश कृष्न राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की युगलपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान NTA ने याचिकाकर्ता से संबंधित दस्तावेज और अंकपत्र प्रस्तुत किए। प्रथम दृष्टया प्रस्तुत अंकपत्र के अनुसार याचिकाकर्ता को 318 अंक प्राप्त हुए हैं।
सुनवाई के दौरान NTA ने कोर्ट को बताया कि NEET UG 2026 का परिणाम 16 जुलाई 2026 को घोषित किया गया था और इसकी सूचना 17 जुलाई को ईमेल के माध्यम से दी गई थी। एजेंसी ने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता करीब ढाई महीने की देरी से हाई कोर्ट पहुंची हैं।
NTA की ओर से इसी तरह की शिकायत वाले एक अन्य मामले में हाई कोर्ट के 30 जुलाई 2026 के आदेश का हवाला दिया गया। यह मामला भिलाई निवासी 17 वर्षीय आर्यन अग्रवाल से संबंधित था। आर्यन ने NEET की मूल OMR उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराने और सही अंक दिए जाने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। उसका दावा था कि प्रश्न पुस्तिका में उसके द्वारा भरे गए उत्तर और NTA की ओर से जारी स्कैन की गई OMR शीट में दर्ज उत्तरों में अंतर था और उसने OMR में छेड़छाड़ की आशंका जताई थी।
उस मामले में हाई कोर्ट ने कहा था कि केवल आशंका और याचिकाकर्ता द्वारा तैयार किए गए तुलनात्मक विवरण के आधार पर OMR में छेड़छाड़ का आरोप साबित नहीं होता। कोर्ट ने यह भी देखा था कि छात्र ने परीक्षा से संबंधित शिकायत के लिए उपलब्ध निर्धारित शिकायत निवारण प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं किया था। इन्हीं आधारों पर उस याचिका को खारिज किया गया था।
वर्तमान मामले में NTA ने आर्यन अग्रवाल मामले के आदेश को समान प्रकृति का बताते हुए कोर्ट के समक्ष पेश किया है। हालांकि बी. सहिति की याचिका पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। NTA ने विस्तृत प्रतिशपथपत्र दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। हाई कोर्ट ने जवाब की प्रति याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को उपलब्ध कराने और मामले को दो सप्ताह बाद दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।

