Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर स्थित ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ (विशेष गृह) से सुरक्षाकर्मी की हत्या कर चार विधि-विरुद्ध बालकों के फरार होने की गंभीर घटना पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने घटना के दिन ही अधिकारियों की आपातकालीन ऑनलाइन समीक्षा बैठक लेकर फरार बालकों की जल्द तलाश और संस्थाओं की सुरक्षा व्यवस्था तत्काल मजबूत करने के निर्देश दिए।
आयोग ने बताया कि डॉ. वर्णिका शर्मा ने 6 दिसंबर 2025 को इस संस्था का औचक निरीक्षण किया था। उस दौरान भोजन, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था और स्टाफ की कमी जैसी कई खामियां सामने आई थीं, जिनमें सुधार के निर्देश दिए गए थे। अब ताजा घटना के बाद उन निर्देशों के पालन की स्थिति की भी समीक्षा करने को कहा गया है।
बैठक में बिलासपुर विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) की अधिकारी रश्मीत कौर को चारों फरार बालकों की पूरी जानकारी जुटाने, संभावित ठिकानों की पहचान करने और संबंधित विभागों के समन्वय से विशेष टीम गठित कर जल्द से जल्द खोज अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। आयोग ने स्पष्ट किया कि हर कार्रवाई की जानकारी विधिवत लिखित प्रतिवेदन के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराई जाए।
इसके अलावा जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO), जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) और किशोर न्याय बोर्ड (JJB) से संस्था की क्षमता, उपलब्ध स्टाफ, काउंसलर्स की योग्यता और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। आयोग ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, नियमित काउंसलिंग और पुनर्वास सेवाओं को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बाल देखरेख संस्थाओं में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है और आयोग पूरे मामले की लगातार निगरानी करेगा।

