CG News: पीएम मोदी के जन्मदिन पर 25 लाख दीयों का आयोजन, भूपेश बघेल ने पूछा- खर्च किस मद से होगा?

CG News: पीएम मोदी के जन्मदिन पर 25 लाख दीयों का आयोजन, भूपेश बघेल ने पूछा- खर्च किस मद से होगा?

Bhupesh Baghel Latest Statement: रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को छत्तीसगढ़ में होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेशभर में सेवा गतिविधियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रायपुर के मरीन ड्राइव में शाम 7 बजे बड़े स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन की तैयारी है, जहां करीब 25 लाख दीये जलाने की योजना बताई गई है।

भाजपा इस आयोजन को ‘सेवा संकल्प अभियान’ और जनभागीदारी से जोड़ रही है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने आयोजन में सरकारी संसाधनों और संभावित सरकारी खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं।

भूपेश बघेल ने खर्च को लेकर उठाए सवाल

भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सवाल किया कि यदि प्रधानमंत्री के जन्मदिन का कार्यक्रम भाजपा का संगठनात्मक आयोजन है, तो सरकारी विभागों और कलेक्टरों को इसकी तैयारियों में क्यों लगाया जा रहा है। उन्होंने दीयों, बाती और तेल की खरीद के खर्च को लेकर भी सवाल उठाया। बघेल ने पूछा कि इन सामानों की खरीद के लिए किस मद से राशि खर्च की जा रही है और यदि सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल हो रहा है तो उसका हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

रायपुर में 25 लाख दीयों का कार्यक्रम

रायपुर के मरीन ड्राइव में 17 सितंबर की शाम करीब 7 बजे दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम प्रस्तावित है। जिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों, सुरक्षा और लोगों की सुविधा से जुड़े निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’

‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सेवा और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत लोगों से दीप जलाने की अपील की गई है।

भाजपा इसे जनभागीदारी से जोड़ रही

भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। पार्टी की ओर से इसे जनभागीदारी और सेवा के अभियान के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

वहीं, कांग्रेस की ओर से आयोजन में सरकारी मशीनरी और सरकारी मद से होने वाले संभावित खर्च को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अब इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।


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