Chhattisgarh Latest News: SIR और वोटर लिस्ट को लेकर भूपेश बघेल ने केंद्र पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

Chhattisgarh Latest News: SIR और वोटर लिस्ट को लेकर भूपेश बघेल ने केंद्र पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

Chhattisgarh Latest News: रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

बघेल ने अपने पोस्ट में राहुल गांधी द्वारा SIR में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ को लेकर उठाए गए सवालों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस संबंध में कुछ दस्तावेज और दावे सार्वजनिक किए हैं।

SIR के दौरान नियमों में बदलाव को लेकर सवाल

बघेल ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि SIR के दौरान नियमों में बदलाव को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने पूछा कि जब निर्वाचन आयोग तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक से निर्णय लेता है, तो इतने महत्वपूर्ण फैसले किस प्रक्रिया के तहत लिए गए।

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने 23 सितंबर की अपनी रिपोर्ट में दो चुनाव आयुक्तों द्वारा 10 महीनों में विभिन्न निर्णयों और प्रशासनिक निर्देशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज किए जाने की बात कही थी। वहीं, निर्वाचन आयोग से जुड़े सूत्रों ने इन निर्णयों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही है।

13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने का मुद्दा

बघेल ने दावा किया कि SIR के दौरान करीब 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, SIR के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में 13 करोड़ से अधिक नाम हटे थे। हालांकि, इन आंकड़ों में ऐसे नाम भी शामिल हो सकते हैं जिन्हें दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद बहाल किया जा सकता है।

कई राज्यों में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने का दावा

भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी तरह की गड़बड़ी प्रमाणित होती है तो कानून के मुताबिक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस बीच, SIR को लेकर निर्वाचन आयोग और विपक्षी दलों के बीच अलग-अलग दावे सामने आए हैं। आयोग की ओर से SIR और अन्य निर्णयों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही गई है, जबकि विपक्षी नेताओं ने प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं।


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