CG Cabinet Decisions: छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: 3100 रुपये क्विंटल धान खरीदी, सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज, 360 नए उपार्जन केंद्र खुलेंगे

CG Cabinet Decisions: छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: 3100 रुपये क्विंटल धान खरीदी, सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज, 360 नए उपार्जन केंद्र खुलेंगे

Chhattisgarh Cabinet Decisions: रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों, बिजली उपभोक्ताओं, सरकारी कर्मचारियों, सड़क निर्माण, पर्यटन, रेलवे, उद्योग और खेल सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी, सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा और मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 सहित कई अहम फैसले लिए।

15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा भाव

कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। प्रदेश में 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए 360 नए उपार्जन केंद्र खोले जाएंगे। इस वर्ष प्रदेश में कुल 3100 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी की जाएगी।

एग्रीस्टेक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को मान्य किया गया है। ऐसे किसानों को अलग से पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। एग्रीस्टेक पंजीयन के कारण किसानों को समिति में ऋण पुस्तिका लाने की जरूरत भी नहीं होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से धान के रकबे का ऑनलाइन निर्धारण किया जाएगा और वास्तविक किसानों से खरीदी सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू होगी।

इसके अलावा खरीफ वर्ष 2024-25 और 2025-26 में अतिशेष धान के नीलामी के माध्यम से निराकरण को मंजूरी दी गई। कृषक उन्नति योजना में भी संशोधन किया गया है। अब आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के स्थान पर प्रति एकड़ के मान से दी जाएगी। इससे फसल विविधीकरण और आधुनिक कृषि तकनीकों में निवेश को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

बिजली उपभोक्ताओं को 31 मार्च 2027 तक राहत

मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा) के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में दी जा रही रियायत जारी रहेगी। योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत की पात्रता अवधि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दी गई है। इस फैसले से लगभग 7.25 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।

डामर की कीमत बढ़ने पर सड़क ठेकेदारों को राहत

बिटुमिन यानी डामर की कीमतों में असाधारण वृद्धि को देखते हुए कैबिनेट ने सड़क निर्माण कार्यों के लिए राहत देने का फैसला किया है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के कार्यों के लिए 130.88 करोड़ रुपये का राहत अनुदान दिया जाएगा। यह राहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक खरीदे और उपयोग किए गए बिटुमिन पर मिलेगी।

वहीं, राज्य वित्तपोषित कार्यों में 1 अप्रैल 2026 से पहले प्राप्त निविदाओं के तहत 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक खरीदे गए बिटुमिन पर भी राहत दी जाएगी। इस पर 70 से 100 करोड़ रुपये तक खर्च होने का अनुमान है। सरकार के इस फैसले से लंबित सड़क निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज

कैबिनेट ने शासकीय सेवकों और उनके आश्रित परिवारजनों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के दौरान पात्र कर्मचारियों को भुगतान नहीं करना होगा। पूर्व-अनुमोदन और चिकित्सा दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इस सुविधा से गंभीर बीमारी और आपातकालीन परिस्थितियों में सरकारी कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 को मंजूरी

प्रदेश में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 को मंजूरी दी गई है। यह मिशन वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए संचालित होगा। इसके लिए कुल 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें हर वर्ष 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

लोक निर्माण विभाग को मिशन का नोडल विभाग और CGRIDCL को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। इसके तहत सड़क नेटवर्क मास्टर प्लान, GIS आधारित नियोजन, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) की अग्रिम तैयारी, डिजिटलीकरण, निर्माण गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा ऑडिट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पर्यटन विकास मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये

छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन को मंजूरी दी गई है। अगले पांच वर्षों के लिए इस मिशन में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं, बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षा, स्वच्छता और होमस्टे सुविधाओं का विकास किया जाएगा। साथ ही निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकें।

कटघोरा से डोंगरगढ़ तक रेल परियोजना में 8,000 करोड़ का निवेश

कैबिनेट ने 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के लिए CRCL के माध्यम से 100 प्रतिशत इक्विटी निवेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। परियोजना की कुल लागत 8,000 करोड़ रुपये निर्धारित है। इसमें 2,000 करोड़ रुपये की अंशपूंजी होगी, जिसमें राज्य सरकार और रेल मंत्रालय की ओर से 1,000-1,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।

कूंरा नगर पंचायत का नाम बदलकर कुंवरगढ़

कैबिनेट ने रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके अलावा राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित नौ प्रकरणों को जनहित में वापस लेने की कार्यवाही की अनुमति दी गई।

पांच परियोजनाओं को रिडेवलपमेंट योजना के दूसरे चरण में मंजूरी

रिडेवलपमेंट योजना के दूसरे चरण में पांच परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इनमें दुर्ग पोल्ट्री फार्म, रामानुजगंज वेटनरी हॉस्पिटल, जशपुर पुलिस लाइन, सक्ती बुधवारी बाजार और धमतरी रुद्री चौक की परियोजनाएं शामिल हैं।

राजनांदगांव में खाद्य प्रसंस्करण और भंडारण सुविधाओं का विकास

कैबिनेट ने राजनांदगांव जिले के ग्राम खपरीकला में केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को 10 एकड़ भूमि देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। वहीं, सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के माध्यम से 400 करोड़ रुपये की मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए 31.55 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया।

मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को मंजूरी

प्रदेश में खेल सुविधाओं और प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को मंजूरी दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके तहत अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

सरकारी विभागों में नए पदों को मंजूरी

कैबिनेट ने सुशासन विभाग में तीन नए पद और वन मुख्यालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) का एक अस्थायी पद सृजित करने को मंजूरी दी। इसके अलावा स्वर्गीय डॉ. राकेश मोहन चंदोला की वर्ष 1987 से 2022 तक की सेवा को परिवार पेंशन के लिए नियमित मानने का फैसला लिया गया।

बैठक में लिए गए इन फैसलों के जरिए राज्य सरकार ने कृषि, बिजली राहत, सड़क एवं रेल अधोसंरचना, पर्यटन, औद्योगिक निवेश, खेल और सरकारी कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में योजनाओं को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।


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