Mushtaq Khan Passes Away: मुंबई। हिंदी सिनेमा के जाने-माने कैरेक्टर और कॉमेडी अभिनेता मुश्ताक खान का 24 सितंबर 2026 को मुंबई के नानावटी अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और बीमारी दोबारा गंभीर होने के बाद अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन की पुष्टि उनके बिजनेस पार्टनर समेत फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने की है।
मुश्ताक खान हिंदी फिल्मों में अपने सहज अभिनय, कॉमिक टाइमिंग और छोटे लेकिन प्रभावशाली किरदारों के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में कई चर्चित फिल्मों में काम किया। मुख्य भूमिका के बजाय सहायक और कैरेक्टर रोल निभाने के बावजूद उन्होंने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।
‘वेलकम’ के बल्लू ने दिलाई खास पहचान
मुश्ताक खान को नई पीढ़ी के दर्शक अनीस बज्मी की फिल्म ‘वेलकम’ के बल्लू के किरदार के लिए खास तौर पर याद करते हैं। 2007 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने उदय शेट्टी के साथ नजर आने वाले बल्लू का किरदार निभाया था। सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद उनके अंदाज और संवाद अदायगी ने दर्शकों का ध्यान खींचा। ‘वेलकम’ में उनका हास्य अंदाज और खास संवाद लंबे समय तक दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहे। यही किरदार उनकी कॉमिक पहचान का अहम हिस्सा बन गया।
‘गदर’ के गुल खान के किरदार से भी मिली पहचान
सनी देओल और अमीषा पटेल की चर्चित फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में मुश्ताक खान ने गुल खान का किरदार निभाया था। यह भूमिका भी उनके यादगार किरदारों में शामिल रही। फिल्म के दूसरे भाग ‘गदर 2’ में भी उन्होंने गुल खान की भूमिका दोहराई और एक बार फिर दर्शकों के सामने नजर आए।
‘आशिकी’ से ‘हम हैं राही प्यार के’ तक किया काम
मुश्ताक खान का अभिनय सफर सिर्फ कॉमेडी फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने रोमांस, ड्रामा और गंभीर विषयों वाली फिल्मों में भी चरित्र भूमिकाएं निभाईं। उनकी फिल्मोग्राफी में ‘आशिकी’, ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘सड़क’, ‘साथी’, ‘जुनून’, ‘गुनाह’, ‘सर’ और ‘हम हैं राही प्यार के’ जैसी फिल्में शामिल हैं।महेश भट्ट के साथ भी उनका लंबा जुड़ाव रहा। उन्होंने भट्ट की कई फिल्मों में काम किया और अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।
‘हेरा फेरी’, ‘वॉन्टेड’ और ‘स्त्री’ जैसी फिल्मों में भी किया अभिनय
मुश्ताक खान ने अपने लंबे करियर में कई लोकप्रिय फिल्मों में काम किया। ‘हेरा फेरी’, ‘जोडी नंबर 1’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘क्रांतिवीर’, ‘राजा’, ‘प्यार तो होना ही था’, ‘वॉन्टेड’, ‘ओह माय गॉड!’, ‘स्त्री’, ‘बधाई दो’, ‘गदर 2’ और ‘स्त्री 2’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। उनके किरदार अक्सर कहानी में सीमित समय के लिए दिखाई देते थे, लेकिन उनकी संवाद अदायगी और स्क्रीन प्रेजेंस के कारण याद रह जाते थे।
फिल्मों के साथ टीवी में भी बनाया मुकाम
मुश्ताक खान ने फिल्मों के अलावा टेलीविजन और थिएटर में भी काम किया। वह कई टीवी प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रहे और अलग-अलग भूमिकाओं के जरिए दर्शकों तक पहुंचे। ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ सहित कई टीवी प्रोजेक्ट्स में भी उन्होंने अभिनय किया।
करीब पांच साल पहले हुई थी कैंसर की पहचान
रिपोर्टों के मुताबिक, मुश्ताक खान को करीब पांच साल पहले कैंसर का पता चला था। इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ था, लेकिन हाल ही में बीमारी दोबारा गंभीर हो गई। इसके बाद उन्हें मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके बिजनेस पार्टनर शिवम ने निधन की पुष्टि की है। अलग-अलग रिपोर्टों में कैंसर के प्रकार को लेकर अलग जानकारी सामने आई है, इसलिए इस संबंध में निश्चित विवरण को लेकर सावधानी जरूरी है।
आखिरी समय तक काम से जुड़े रहे
मुश्ताक खान के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। दशकों तक फिल्मों और टीवी में सक्रिय रहे मुश्ताक खान ने कॉमेडी के साथ-साथ गंभीर और सहायक भूमिकाओं में भी अपनी छाप छोड़ी।
‘वेलकम’ के बल्लू और ‘गदर’ के गुल खान जैसे किरदारों ने उन्हें दर्शकों के बीच अलग पहचान दिलाई। उनके निधन के साथ हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे कैरेक्टर एक्टर को खो दिया, जिनके कई किरदार अपनी खास संवाद अदायगी और अभिनय शैली के कारण लंबे समय तक याद किए जाएंगे।

