Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपराओं, बोली-भाखा, खान-पान और तीज-त्योहारों के संरक्षण एवं संवर्धन की मांग को लेकर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के DRM को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्योहारों के दौरान रायपुर मंडल के रेलवे स्टेशनों पर प्रमाणित छत्तीसगढ़ी लोकगीत और पारंपरिक लोकधुन बजाई जाएं। इसके साथ ही कुंवार नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों के संचालन की मांग भी की गई है।
ज्ञापन में हरेली, पोरा, तीजा, भोजली, कर्मा, कुंवार और चैत नवरात्र, देवारी, गौरा-गौरी, छेरछेरा, फागुन तिहार, बस्तर दशहरा, गुरु मेला गिरौदपुरी धाम और माता कौशल्या जयंती जैसे पर्वों का उल्लेख किया गया है। पार्टी का कहना है कि इन अवसरों पर रेलवे स्टेशनों पर संबंधित पर्वों के पारंपरिक लोकगीत बजाने से यात्रियों को छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोककला से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
पार्टी ने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों की संस्कृति से जुड़े गीत-संगीत बजाए जाते हैं। इसी तरह छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्योहारों के दौरान स्थानीय लोकगीत और लोकधुन बजाने से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों में अपनी संस्कृति के प्रति जुड़ाव बढ़ने के साथ दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों को भी छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं को जानने का अवसर मिलेगा।
कुंवार नवरात्र के दौरान विशेष ट्रेनों के संचालन की मांग भी ज्ञापन में प्रमुखता से रखी गई है। पार्टी ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले प्रमुख शक्तिपीठों और मार्गों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही रायपुर मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों और मार्गों पर भी नवरात्र के दौरान यात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें संचालित करने की मांग की गई है।
पार्टी ने मांग की है कि 1 नवंबर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस से रेलवे स्टेशनों पर छत्तीसगढ़ी लोकगीत और पारंपरिक लोकधुन बजाने की व्यवस्था शुरू की जाए और इसे प्रदेश के प्रमुख तीज-त्योहारों के दौरान भी जारी रखा जाए।

