Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। राजधानी रायपुर के रावतपुरा कॉलोनी फेज-2 में नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 40 मकानों को बुलडोजर से हटाया। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप की स्थिति बनी रही। मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आकाश तिवारी ने आरोप लगाया कि रिश्वतखोरी और कथित सेटिंग के कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई और मेहनत से घर बनाते हैं। मकान तैयार करने में महीनों और कई बार सालभर तक का समय लग जाता है। ऐसे में अचानक कार्रवाई से लोगों की मेहनत की कमाई बर्बाद हो रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मकानों के निर्माण में अनियमितता या अतिक्रमण था तो निर्माण के दौरान ही कार्रवाई क्यों नहीं की गई। आकाश तिवारी ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान कार्रवाई नहीं होने के पीछे अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत और रिश्वतखोरी हो सकती है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि अधिकारी कभी ठेकेदारों तो कभी आम जनता से कथित तौर पर वसूली करते हैं और बात नहीं बनने या दबाव बढ़ने पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने सवाल किया कि बड़े ठेकेदारों और रसूखदार लोगों के मामलों में राजीनामा किए जाने की बात सामने आती है, तो रावतपुरा कॉलोनी के मकान मालिकों के मामले में ऐसा क्यों नहीं किया गया और उनके मकानों पर बुलडोजर कैसे चला।
आकाश तिवारी ने स्पष्ट किया कि वह अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का विरोध नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां अतिक्रमण या नियमों का उल्लंघन हो रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कॉलोनी में प्लॉट काटकर आवासीय निर्माण किए जाने को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि यदि ठेकेदार ने प्लॉट काटकर उन्हें आवासीय उपयोग के लिए बेचा है तो कथित अनियमितता की शुरुआत वहीं से हुई होगी।
उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आकाश तिवारी ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर जल्द प्रदर्शन किया जाएगा और मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

