Chhattisgarh Ambikapur News : अंबिकापुर। नेपाल-तिब्बत सीमा पर 25 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद अंबिकापुर की रहने वाली चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मीना गुप्ता समेत 77 सदस्यीय दल का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। प्रभावित क्षेत्र में संचार व्यवस्था ठप होने के कारण परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजन उनकी सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।
मूल रूप से अंबिकापुर की रहने वाली डॉ. मीना गुप्ता वरिष्ठ भाजपा नेता एवं नगर निगम के एल्डरमैन करताराम गुप्ता की पुत्री हैं। जवाहर मार्केट निवासी करताराम गुप्ता और पूर्व पार्षद प्रेमलता गोयल की बेटी डॉ. मीना का बचपन अंबिकापुर में बीता है। वर्तमान में वह इंग्लैंड के टोरकी में चर्म रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं।
डॉ. मीना 14 अगस्त को दिल्ली पहुंची थीं और विश्व योगा फाउंडेशन के सद्गुरु के साथ करीब 77 लोगों के दल में शामिल होकर दिल्ली से काठमांडू गई थीं। 23 अगस्त को दल ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा पूरी की थी। इसके बाद 25 अगस्त को सभी सदस्य नेपाल-तिब्बत सीमा पर रसुवागढ़ी स्थित आव्रजन कार्यालय में औपचारिकताएं पूरी करने पहुंचे थे।
इसी दौरान तिब्बत के ग्यिरोंग क्षेत्र से आई भीषण बाढ़ ने आव्रजन कार्यालय की तीन मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद से डॉ. मीना गुप्ता समेत पूरे दल के सदस्यों से संपर्क नहीं हो पाया है। बताया गया है कि नेपाली सेना की ओर से लापता विदेशी नागरिकों में से 58 लोगों के मिलने की जानकारी दी गई है, लेकिन इनमें डॉ. मीना का नाम शामिल नहीं है।
डॉ. मीना की बड़ी बहन ममता मित्तल ने बताया कि कैलाश मानसरोवर पहुंचने के बाद मीना बेहद खुश थीं। उन्होंने परिवार से दो बार वीडियो कॉल कर कैलाश मानसरोवर के दर्शन भी कराए थे। इसके बाद अचानक बाढ़ की खबर मिलने से परिवार की चिंता बढ़ गई है।
डॉ. मीना के पिता करताराम गुप्ता भी रक्षाबंधन के अवसर पर बेटी से मिलने की इच्छा से दिल्ली में मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि मीना ने उन्हें भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं जा सके। अब बेटी के लापता होने की खबर के बाद परिवार उसकी सुरक्षित वापसी की लगातार उम्मीद कर रहा है।
परिजनों के मुताबिक डॉ. मीना के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल की जा रही है, लेकिन प्रभावित क्षेत्र में संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण उनसे बातचीत नहीं हो पा रही है। डॉ. मीना के पति भी चिकित्सक हैं और उनकी तीन बेटियां हैं। उनका परिवार इंग्लैंड में रहता है।
मामले को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार भी सक्रिय है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि नेपाल स्थित भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय से लगातार संपर्क किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय से प्राप्त ई-मेल की जानकारी भी डॉ. मीना के पिता करताराम गुप्ता को उपलब्ध कराई गई है, ताकि उनकी तलाश और सुरक्षित वापसी के प्रयासों में समन्वय किया जा सके। सरकार ने डॉ. मीना गुप्ता समेत लापता सभी लोगों के जल्द सुरक्षित मिलने की उम्मीद जताई है।

