Sakti News: राखी से पहले खाते में पहुंची महतारी वंदन की राशि, गीता देवी ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

Sakti News: राखी से पहले खाते में पहुंची महतारी वंदन की राशि, गीता देवी ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

Chhattisgarh Sakti News: सक्ती। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ परिवार की जरूरतों को पूरा करने में भी मददगार साबित हो रही है। विकासखंड सक्ती के ग्राम लवसरा की श्रीमती गीता देवी कुर्रे भी योजना से लाभान्वित होकर अपने परिवार को आर्थिक संबल प्रदान कर रही हैं। रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त मिलने से उनके परिवार में खुशी का माहौल है।

श्रीमती गीता देवी कुर्रे ने बताया कि उन्हें योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। इस राशि का उपयोग वह बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर की आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त मिलने से त्योहार की खुशियां और बढ़ गई हैं।

गीता देवी ने कहा कि महतारी वंदन योजना की राशि उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि सम्मान और स्नेह का उपहार भी है। उन्होंने कहा, “इस रक्षाबंधन पर हमारे विष्णु भैया ने हम सभी बहनों को बहुत खूबसूरत तोहफा दिया है। रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त मिलने से हमारी खुशियां दोगुनी हो गई हैं। इसके लिए मैं हमारे विष्णु भैया को दिल से धन्यवाद देती हूं।”

गृहणी के रूप में जीवन यापन करने वाली गीता देवी जय मां दुर्गा स्व-सहायता समूह से भी जुड़ी हुई हैं। समूह के माध्यम से वह फिनाइल सहित विभिन्न घरेलू उपयोगी उत्पादों का निर्माण करती हैं। इन उत्पादों की बिक्री से उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है, जिससे वह परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग कर रही हैं।

गीता देवी का कहना है कि स्व-सहायता समूह और महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक सहयोग देने के साथ आत्मनिर्भर बनने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया है। अब वह परिवार की जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के साथ गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्षाबंधन से पहले महिलाओं के खाते में 31वीं किस्त की राशि पहुंचाना उनके लिए यादगार उपहार है। उनके अनुसार, योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने महिलाओं के भीतर आत्मनिर्भरता और सम्मान की भावना को मजबूत किया है।


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