Chhattisgarh Balod News: बालोद। आविष्कार केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं होते, बल्कि रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने की कोशिश भी नए आविष्कार को जन्म दे सकती है। ऐसा ही कमाल बालोद जिले के अरकार गांव के किसान टिकेंद्र साहू ने किया है। मजदूरों की कमी से परेशान किसान ने खुद ट्रैक्टर चलित कृषि यंत्र तैयार कर लिया, जिससे महज 8 मिनट में एक एकड़ खेत में कीटनाशक और खाद का छिड़काव किया जा सकता है।
30 वर्षीय किसान टिकेंद्र साहू के पास खुद की 25 एकड़ जमीन है। इसके अलावा वे करीब 15 एकड़ जमीन लीज पर लेकर खेती करते हैं। यानी कुल 40 एकड़ में खेती करने वाले टिकेंद्र को खेतों में खाद और कीटनाशक के छिड़काव के लिए मजदूरों की कमी का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए उन्होंने कृषि यंत्र बनाने का फैसला किया।
टिकेंद्र ने बताया कि उन्होंने यूट्यूब पर कृषि यंत्रों के बारे में जानकारी हासिल की और पंजाब जाकर इसी तरह की मशीन को देखा। इसके बाद उन्होंने अपने खेतों में काम आसान बनाने के लिए खुद ऐसा यंत्र तैयार करने का निर्णय लिया। इस काम में उनके पिता ने भी सहयोग किया।
यंत्र बनाने में किसान को करीब डेढ़ से दो लाख रुपये खर्च करने पड़े। इस दौरान उन्हें एक-दो बार असफलता भी मिली, लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखा। लगातार मेहनत के बाद उन्होंने ट्रैक्टर चलित कृषि यंत्र तैयार कर लिया।
यह यंत्र महज 8 मिनट में एक एकड़ खेत में कीटनाशक दवाई और खाद का छिड़काव करने में सक्षम है। इससे किसान का समय और खर्च दोनों बच रहे हैं। साथ ही खेतों में छिड़काव के लिए मजदूरों पर निर्भरता भी कम हुई है।
टिकेंद्र साहू के इस प्रयास की अब जिलेभर में चर्चा हो रही है। किसान ने अपनी जरूरत को ध्यान में रखते हुए तकनीक का इस्तेमाल कर ऐसा समाधान तैयार किया है, जिससे बड़े क्षेत्र में खेती का काम आसान हो गया है।

