Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में दो मिनट वंदे मातरम् गाने का प्रस्ताव पारित होने को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है और मुस्लिम लीग के रास्ते पर चल रही है। अरुण साव ने कहा कि CWC में लाया गया प्रस्ताव देश के साथ धोखा है और इससे कांग्रेस की राजनीति का सच सामने आ गया है।
अभनपुर में कांग्रेस नेता द्वारा अधिकारी से गाली-गलौच किए जाने के कथित वीडियो को लेकर भी अरुण साव ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कानून को हाथ में लेना बड़ा नैतिक अपराध है। अधिकारियों से गाली-गलौच करना दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित है। उन्होंने ऐसे मामलों में कार्रवाई किए जाने की बात कही।
कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मुद्दाविहीन हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की भाषा और काम का स्तर लगातार नीचे जा रहा है। अगर यही स्थिति बनी रही तो कांग्रेस अपना अस्तित्व भी नहीं बचा पाएगी।
सोशल मीडिया पर कांग्रेस के ‘कुर्सी दंगल’ वाले पोस्ट को लेकर अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस में कुर्सी की लड़ाई चल रही है, जबकि भाजपा में ऐसी स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भाजपा के नेता हैं और सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक-एक गारंटी को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। उनके मुताबिक भाजपा में कुर्सी को लेकर कोई विवाद नहीं है, जबकि कांग्रेस नेताओं के बीच चल रही खींचतान सार्वजनिक रूप से दिखाई दे रही है।
शराब घोटाला मामले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के करीबियों पर ईडी की कार्रवाई को लेकर अरुण साव ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय शराब घोटाले की जांच कर रहा है और कार्रवाई जांच प्रक्रिया का हिस्सा है।
गौठान को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर भी उप मुख्यमंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में गौठान को लेकर भ्रष्टाचार हुआ था और कांग्रेस को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गौ धाम योजना पर तेजी से काम कर रही है।
सोशल मीडिया पर अधिकारियों के सक्रिय होने और GEN Z से जुड़ने के सवाल पर अरुण साव ने कहा कि यह सोशल मीडिया का दौर है। विभागों की योजनाओं और कामकाज की जानकारी समय पर जनता तक पहुंचे, इसके लिए अधिकारियों और विभागों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना चाहिए।

