Chhattisgarh Dhamtari News: धमतरी। धमतरी के गंगरेल जलाशय में रविवार को उद्यमिता और नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिला। यहां आयोजित फाउंडर्स मानसून रिट्रीट-2026 में 200 से अधिक स्टार्टअप फाउंडर्स, उद्यमी, मेंटर्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में स्टार्टअप इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति, मार्केटिंग, निवेश और बिजनेस विस्तार जैसे विषयों पर मंथन किया गया।
गंगरेल जलाशय की खूबसूरत वादियों के बीच आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम की थीम “एस्केप. एंगेज. एलीवेट.” रही। आयोजन का उद्देश्य उद्यमियों को साझा मंच उपलब्ध कराना, अनुभवों का आदान-प्रदान करना और नए बिजनेस आइडिया, नवाचार तथा नेटवर्किंग को बढ़ावा देना रहा। इस दौरान 200 से अधिक स्टार्टअप संस्थापकों और उद्यमियों ने हिस्सा लिया और अपने बिजनेस आइडिया पिच किए।
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जिले में स्थानीय संसाधनों और युवाओं की प्रतिभा को उद्यमिता से जोड़कर रोजगार और नए व्यवसाय के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि एवं कृषि प्रसंस्करण, पर्यटन, जल आधारित गतिविधियों, खाद्य प्रसंस्करण, स्थानीय उत्पाद, डिजिटल तकनीक और सेवा क्षेत्र में स्टार्टअप की बड़ी संभावनाएं हैं।
कार्यक्रम में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री और राज्य की विष्णुदेव साय सरकार युवाओं के लिए नए आयाम गढ़ रही है। इसी के तहत जिले में युवाओं की प्रतिभा, स्थानीय संसाधनों और आधुनिक तकनीक को जोड़कर उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है। वहीं, डीपीआईआईटी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव संजीव सिंह ने स्टार्टअप फाउंडर्स से संवाद किया और स्टार्टअप इंडिया के तहत उपलब्ध नीतिगत सहयोग तथा वित्त पोषण के अवसरों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में अनुभवी उद्यमियों ने अपनी संघर्षपूर्ण बिजनेस जर्नी, चुनौतियों और सफलता से जुड़ी सीख भी साझा की। आयोजन के जरिए स्टार्टअप फाउंडर्स और उद्यमियों को आपसी संवाद, नेटवर्किंग और नए कारोबारी अवसरों के लिए एक मंच मिला।दर्भ
शुरुआती चरण के स्टार्टअप में AI का उपयोग, छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति 2025-30, कृषि एवं बस्तर आधारित स्टार्टअप, प्रोडक्ट को बाजार तक पहुंचाने की रणनीति, सोशल मीडिया ब्रांडिंग और कानूनी अनुपालन जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए. कार्यक्रम में सिर्फ बिजनेस और ज्ञानवर्धक सत्र ही नहीं, बल्कि फाउंडर्स के बीच नेटवर्किंग को भी खास महत्व दिया गया.
संस्थापक परिचय चक्र, इनडोर चैलेंज और विभिन्न फाउंडर-केंद्रित गतिविधियों के जरिए प्रतिभागियों को एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर मिला. प्राकृतिक वातावरण में हुए इस संवाद के जरिए उद्यमियों ने नए संपर्क बनाए और अपने विचार साझा किए. कृषि, पर्यटन, जल संसाधन, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों में मौजूद संभावनाओं को स्टार्टअप से जोड़कर जिले में रोजगार और नए व्यवसाय के अवसर पैदा करने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.

