Chhattisgarh Bijapur News: बीजापुर। स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर बस्तर संभाग के दुर्गम और सुदूर अंचलों में नया अध्याय लिखा गया। बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिले के कुल 92 ऐसे गांवों में इस वर्ष पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जहां आजादी के बाद से अब तक तिरंगा नहीं फहराया जा सका था। इसी कड़ी में बीजापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कैका के सुदूर गांव मोसला में प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी परिसर में पहली बार तिरंगा फहराया गया।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों के साथ इस गौरवपूर्ण पल के साक्षी बनने के लिए उन्हें दुर्गम रास्तों और बारिश से बने दलदल का सामना करना पड़ा। पक्की सड़क नहीं होने के कारण वे मोटरसाइकिल और पैदल यात्रा करते हुए मोसला गांव पहुंचे। यात्रा के दौरान कई बार उनकी बाइक दलदल में फंसी, लेकिन तिरंगा फहराने के संकल्प के आगे उन्होंने मुश्किलों की परवाह नहीं की।
ध्वजारोहण के बाद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए राहुल योगराज टिकरिहा ने कहा कि बस्तर अब विकास और विश्वास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। दशकों बाद इन 92 गांवों में तिरंगा फहराना इस बात का प्रतीक है कि स्वतंत्रता का प्रकाश अब बस्तर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने इसे बस्तर के लिए सही मायनों में पूर्ण आजादी का दिन बताया।
कार्यक्रम का सबसे खास पहलू यह रहा कि गांव के ही 14 आत्मसमर्पित नक्सली भी इस ऐतिहासिक अवसर पर मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यधारा में शामिल होकर तिरंगे को सलामी दी और स्वतंत्रता दिवस के जश्न में ग्रामीणों के साथ भागीदारी की।
कार्यक्रम में ग्राम कैका की सरपंच संगीता राणा, भाजपा महामंत्री संजय नुक्कड़, भाजयुमो जिला अध्यक्ष हरिहर साहनी, जिला उपाध्यक्ष राजू कलमू समेत बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, युवा और ग्रामीण मौजूद रहे। तिरंगा फहराए जाने के बाद पूरे गांव में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।

