Chhattisgarh Weather News: रायपुर। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने कम दबाव के क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) का असर अब छत्तीसगढ़ में भी दिखाई देने लगा है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा के साथ गरज-चमक और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, कम दबाव का यह सिस्टम अगले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा, जिससे प्रदेश में मानसून और अधिक सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से कई जिलों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को भी आसमान मेघमय रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।
इन इलाकों में हुई सबसे अधिक बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 90-90 मिमी वर्षा बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ और कुसमी में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा चंदो में 80 मिमी तथा कोरिया जिले के पटना में 60 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं बलरामपुर, अंबिकापुर, मरवाही सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। राजधानी रायपुर में 25.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
31 फीसदी कम है मानसूनी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, अब तक छत्तीसगढ़ में मानसूनी बारिश सामान्य से 31 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। हालांकि, अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है, जिससे वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और गरज-चमक एवं वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

