Chhattisgarh Ambikapur News: अंबिकापुर। अंबिकापुर शहर में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और बिजली व्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के अधिकारियों और ठेकेदारों को जमकर फटकार लगाई। शहरवासियों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद महापौर ने निगम कार्यालय में बैठक बुलाकर बिजली व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर की।
बैठक में नगर निगम के सभी 40 वार्डों के पार्षद, बिजली विभाग के अधिकारी और संबंधित ठेकेदार मौजूद रहे। महापौर ने अधिकारियों से कहा कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
‘आप लोग घाघ हो गए हैं’
बैठक के दौरान महापौर ने अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए कहा कि, “आप लोग बड़े घाघ हो गए हैं। जनता परेशान है, लेकिन आपकी कार्यशैली में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा। अब व्यवस्था सुधार लीजिए, नहीं तो मुख्यमंत्री से शिकायत कर आपको यहां से हटवाने की कार्रवाई कराई जाएगी।” उन्होंने कहा कि वे वर्ष 2004 से जनप्रतिनिधि हैं, लेकिन बिजली व्यवस्था में इतनी अव्यवस्था पहले कभी नहीं देखी।
गर्मी के बाद अब बारिश में भी बिजली संकट
महापौर ने कहा कि गर्मी के दौरान ओवरलोड का हवाला देकर अघोषित बिजली कटौती की गई थी, लेकिन अब बारिश के मौसम में भी वही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि लगातार बिजली गुल रहने से लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वार्ड पार्षदों के पास लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं।
पानी की सप्लाई भी हो रही प्रभावित
महापौर ने कहा कि लगातार बिजली कटौती का असर नगर निगम की पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। कई वार्डों में समय पर पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे नागरिकों को बिजली और पानी दोनों समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली विभाग ने बताई तकनीकी दिक्कतें
बैठक में बिजली विभाग के सहायक अभियंता राकेश जायसवाल ने तकनीकी कारणों और सुधार कार्यों की जानकारी देते हुए जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया। हालांकि महापौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार दिखाई देना चाहिए। यदि स्थिति नहीं बदली तो मामला राज्य सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।
सब स्टेशन के लिए जमीन नहीं मिलने का दावा
बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शहर के लिए चार नए सब स्टेशन स्वीकृत हैं और इनके लिए बजट भी उपलब्ध है, लेकिन नगर निगम की ओर से भूमि उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सब स्टेशनों की कमी के कारण ओवरलोड की समस्या बढ़ रही है, जिससे बार-बार तकनीकी खराबी और बिजली कटौती हो रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि शहर के प्रमुख मार्गों की बिजली लाइन को चरणबद्ध तरीके से अंडरग्राउंड करने की योजना बनाई गई है। इससे खुले और उलझे हुए बिजली के तारों की समस्या दूर होगी, हालांकि इस परियोजना को पूरा होने में समय लगेगा।

