Chhattisgarh News: सेलूद। पाटन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम ढौर में प्रस्तावित चूना पत्थर खदान के लिए 9 जुलाई को आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जनसुनवाई में शामिल अधिकांश ग्रामीणों ने खदान का विरोध करते हुए इसे गांव के पर्यावरण, स्वास्थ्य और आजीविका के लिए गंभीर खतरा बताया।
जानकारी के अनुसार, जनसुनवाई में कुल 182 ग्रामीण शामिल हुए, जिनमें से 177 लोगों ने खदान के विरोध में अपनी राय रखी, जबकि 5 लोगों ने खदान के समर्थन में अपनी सहमति जताई। इस दौरान खदान के समर्थन करने वाले कुछ लोगों के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई। आरोप है कि आक्रोशित ग्रामीणों ने उनके साथ हाथापाई कर दी। (इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।)
प्रदूषण और ब्लास्टिंग को लेकर जताई चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले से संचालित खदानों के कारण धूल और प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और कई लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। उनका कहना है कि यदि नई खदान को अनुमति मिली तो हालात और अधिक गंभीर हो जाएंगे।
घरों में आई दरारें, हर समय बना रहता है हादसे का डर
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार होने वाली ब्लास्टिंग के कारण उनके मकानों की दीवारों और छतों में दरारें पड़ गई हैं। उनका कहना है कि दिन हो या रात, वे अपने ही घरों में डर के साए में रहने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में छत या दीवार गिरने का भय और बढ़ जाता है, जिससे पूरे परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
जल संकट और खेती पर भी पड़ रहा असर
ग्रामीणों ने कहा कि खनन गतिविधियों के कारण जल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं और खेती-किसानी पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि नई खदान शुरू हुई तो गांव का पर्यावरण और अधिक खराब होगा तथा भविष्य में जल संकट और गहरा सकता है।
‘किसी भी कीमत पर खदान नहीं खुलने देंगे’
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे अपने गांव को बंजर नहीं होने देंगे और किसी भी कीमत पर नई चूना पत्थर खदान का संचालन शुरू नहीं होने देंगे। उन्होंने प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए खदान को अनुमति नहीं देने की मांग की।

