CG News: भिलाई। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। रायपुर–दुर्ग नेशनल हाईवे पर कुम्हारी ओवरब्रिज के समीप चंदनडीह क्षेत्र में भारी जलभराव होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़क पर पानी भर जाने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार और जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हालात को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर यातायात व्यवस्था संभाल ली है।
सिरसा गेट मार्ग पूरी तरह बंद
बारिश के बीच निर्माण कार्य के चलते सिरसा गेट मार्ग पहले से ही पूरी तरह बंद है। ऐसे में इस रास्ते का उपयोग वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी नहीं किया जा सकता। यातायात का दबाव बढ़ने के कारण पुलिस आवश्यकतानुसार डायवर्जन लागू कर वाहनों को दूसरे सुरक्षित मार्गों से रवाना कर रही है।
भारी वाहनों के लिए बदला गया रूट
यातायात पुलिस ने भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं।
- राजनांदगांव से रायपुर जाने वाले भारी वाहन अंजोरा बाईपास, पुलगांव चौक, अंडा, रिसामा, गाड़ाडीह, मर्रा, जामगांव (एम), मोतीपुर और अमलेश्वर होते हुए रायपुर जाएंगे।
- बालोद से रायपुर जाने वाले भारी वाहन अंडा, रिसामा, गाड़ाडीह, मर्रा, जामगांव (एम), मोतीपुर और अमलेश्वर मार्ग का उपयोग करेंगे।
छोटे वाहनों के लिए भी जारी किया गया डायवर्जन - ट्रांसपोर्ट नगर, भिलाई अथवा नेशनल हाईवे से रायपुर जाने वाले वाहन अहिरवारा मोड़, कुम्हारी, मुरमुंडा चौक, कोचेबंद, मलपुरी कला, भालेसर, कंडरका चौक, पथरीडी, उरला और बिरगांव होते हुए रायपुर पहुंचेंगे।
- भिलाई एवं भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के कर्मचारियों को उतई, सेलूद, फूंडा और मोतीपुर मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
तेजी से बढ़ रहा शिवनाथ नदी का जलस्तर
लगातार बारिश के चलते शिवनाथ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। महमरा एनीकट के ऊपर करीब चार फीट पानी बह रहा है। वहीं नदी में बहकर आए कचरे के कारण दुर्ग नगर निगम के इंटकवेल में अवरोध उत्पन्न हो गया है, जिससे शहर की पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने नदी के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुराने पुल पर बढ़ा खतरा, गांवों में मुनादी
गुरुद्वारा के पास स्थित पुराने पुल पर भी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और यह खतरे के निशान से करीब पांच फीट नीचे पहुंच चुका है। प्रशासन ने संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
इसके साथ ही नदी तट के आसपास संचालित ईंट भट्टों के संचालकों को अपने मजदूरों और अन्य लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
SDRF की टीम 24 घंटे अलर्ट पर
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) दुर्ग की रेस्क्यू टीम को नगरसेना कार्यालय परिसर में 24 घंटे अलर्ट मोड पर तैनात रखा गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के आसपास न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने, जलभराव वाले मार्गों से बचने तथा किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और प्रशासन के हेल्पलाइन नंबरों पर तत्काल सूचना देने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है।

