Surajpur Accident News: सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के लांची गांव स्थित एक अवैध खदान में खुदाई के दौरान अचानक चट्टान भरभराकर गिर गई। हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस, राजस्व विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने शवों को मलबे से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
खुदाई के दौरान अचानक ढह गई चट्टान
जानकारी के अनुसार, लांची गांव के पास संचालित एक अवैध खदान में रविवार को कई मजदूर पत्थर निकालने का काम कर रहे थे। दोपहर के समय खुदाई का कार्य चल ही रहा था कि अचानक खदान की एक विशाल चट्टान भरभराकर नीचे गिर गई। चट्टान गिरते ही वहां मौजूद मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। कई मजदूर अपनी जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन दो मजदूर भारी मलबे के नीचे दब गए।
साथी मजदूरों और ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन भारी चट्टानों और मलबे के कारण राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं। काफी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद मची अफरा-तफरी, बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण
हादसे की खबर फैलते ही लांची गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। मृत मजदूरों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर अवैध खनन पर समय रहते कार्रवाई नहीं करने का आरोप भी लगाया।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों शवों को मलबे से बाहर निकलवाकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्र का भी निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई।
अवैध खदान के संचालन की जांच शुरू
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां खनन कार्य अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खदान का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा था और क्या संबंधित विभागों से इसके लिए कोई वैध अनुमति ली गई थी या नहीं। यदि अवैध खनन की पुष्टि होती है तो खदान संचालकों के खिलाफ खनिज अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी बनी हादसे की वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि खदान में मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा उपकरण और सुरक्षा मानकों का पालन किए काम कराया जा रहा था। खदान के भीतर न तो पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे और न ही किसी प्रकार की निगरानी की व्यवस्था थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी ही इस दर्दनाक हादसे का प्रमुख कारण बनी।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही अवैध खदान संचालित करने वालों की तलाश भी शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर अवैध खनन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई की जाती, तो शायद दो मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी।

