Dhamtari News: आत्महत्या नहीं, मां-भाई ने की थी हत्या! धमतरी पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया ब्लाइंड मर्डर केस

Dhamtari News: आत्महत्या नहीं, मां-भाई ने की थी हत्या! धमतरी पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया ब्लाइंड मर्डर केस

Dhamtari News: धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर एक सनसनीखेज अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया। जिस मामले को शुरुआत में आत्महत्या माना जा रहा था, वह दरअसल एक सुनियोजित हत्या निकली। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या के आरोप में मृतक की मां और सगे भाई को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

फांसी के फंदे पर मिला था युवक का शव

मामला कुरूद थाना क्षेत्र की बिरेझर चौकी अंतर्गत ग्राम गोजी का है। 29 जून को 23 वर्षीय नरसिंग साहू का शव घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर घटना की वैज्ञानिक और गहन जांच शुरू की गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली हत्या की परतें

घटनास्थल का निरीक्षण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयान सामने आने के बाद पुलिस को हत्या की आशंका हुई। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि युवक की मौत फांसी से नहीं, बल्कि पहले गला दबाने और रस्सी से कसकर श्वास अवरुद्ध करने के कारण हुई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।

शराब के लिए पैसों की मांग बनी हत्या की वजह

पुलिस पूछताछ में मृतक के भाई नरेश साहू और मां कमला बाई साहू ने बताया कि नरसिंग शराब पीने के लिए लगातार पैसों की मांग कर रहा था। पैसे नहीं देने पर घर में विवाद बढ़ गया। गुस्से में आकर दोनों ने पहले उसका गला दबाया और फिर नारियल की रस्सी से गला कसकर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें शक था कि वह अभी जीवित है, इसलिए उसे कीटनाशक भी पिला दिया।

आत्महत्या दिखाने के लिए रची गई साजिश

हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को फांसी के फंदे पर लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे और पुलिस जांच गुमराह हो जाए। हालांकि पुलिस की वैज्ञानिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के सामने यह साजिश ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।


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