Rajnandgaon News:रिसॉर्ट, नशाखोरी और अतिक्रमण के विरोध में सड़क पर उतरे ग्रामीण, पुलिस चौकी की मांग तेज

Rajnandgaon News:रिसॉर्ट, नशाखोरी और अतिक्रमण के विरोध में सड़क पर उतरे ग्रामीण, पुलिस चौकी की मांग तेज

Rajnandgaon News: राजनांदगांव। डोंगरगढ़ क्षेत्र के मनगट्टा में कथित अवैध गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। जनपद सदस्य मोहनीश धनकर के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में संचालित रिसॉर्टों में कथित अनैतिक गतिविधियों, नशाखोरी, अवैध अतिक्रमण और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

अवैध गतिविधियों पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

धरना प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मनगट्टा क्षेत्र पिछले कुछ समय से अवैध गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। लगातार नशाखोरी, संदिग्ध गतिविधियों और सामाजिक वातावरण को प्रभावित करने वाली घटनाओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, जिसके कारण लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

युवती की मौत के बाद बढ़ा जनाक्रोश

कुछ दिन पहले मनगट्टा के एक रिसॉर्ट में युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद क्षेत्र में माहौल गरमा गया था। इस घटना ने स्थानीय लोगों की चिंताओं को और बढ़ा दिया। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने जांच और दबिश अभियान चलाया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर हालात में कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला।

पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मनगट्टा में स्थायी पुलिस चौकी स्थापित की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की नियमित मौजूदगी से अपराध और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। साथ ही रिसॉर्टों और अन्य संदिग्ध स्थानों की लगातार निगरानी भी जरूरी है।

आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी

धरना स्थल पर वक्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र में संचालित अवैध कारोबार, अतिक्रमण और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि यह केवल एक घटना का विरोध नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामाजिक सुरक्षा और नैतिक मूल्यों की रक्षा का संघर्ष है।

आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन

इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की मांगों को जायज बताते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी भी स्थान पर अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो उनके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

मनगट्टा में बढ़ते जनदबाव के बीच अब सभी की निगाहें प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।


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