Durg News:लखनऊ हादसे के बाद दुर्ग में सख्ती, फायर सेफ्टी नहीं मिलने पर कोचिंग संस्थानों पर गिरी गाज

Durg News:लखनऊ हादसे के बाद दुर्ग में सख्ती, फायर सेफ्टी नहीं मिलने पर कोचिंग संस्थानों पर गिरी गाज

Durg News: दुर्ग। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दुर्ग जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिले में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को भिलाई के न्यू सिविक सेंटर स्थित विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जहां सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आने पर प्रशासन ने चार कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया।

संयुक्त टीम ने की व्यापक जांच

जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र में संचालित कई कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान संस्थानों में फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन निकासी मार्गों और सुरक्षा संबंधी आवश्यक दस्तावेजों की स्थिति का परीक्षण किया गया।

निरीक्षण में कई कोचिंग सेंटर सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। गंभीर कमियां पाए जाने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मोशन कोटा, वेदांतु, रामा कोचिंग और कैड एकेडमी को सील कर दिया।

फायर सेफ्टी की अनदेखी पड़ी भारी

जांच में सामने आया कि कई संस्थानों में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं थे। वहीं आपातकालीन स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आवश्यक निकासी व्यवस्था भी नहीं पाई गई। इसके अलावा कई जगह सुरक्षा संबंधी दस्तावेज और अनुमति पत्र भी अधूरे मिले।

प्रशासन ने इसे छात्रों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ मानते हुए सख्त कदम उठाया।

कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप

चार प्रमुख कोचिंग संस्थानों के सील होने के बाद शहर के अन्य कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है। कई संस्थानों ने तत्काल फायर एक्सटिंग्विशर लगाने और सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एजुकेशन हब में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

भिलाई को छत्तीसगढ़ का प्रमुख एजुकेशन हब माना जाता है, जहां हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों में अध्ययन करते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते जांच नहीं होती तो किसी भी आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था।

जिलेभर में जारी रहेगा अभियान

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान केवल न्यू सिविक सेंटर तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में सेक्टर-10, सुपेला, रिसाली, नेहरू नगर, दुर्ग शहर और जिले के अन्य क्षेत्रों में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों की जांच की जाएगी।

अधिकारियों ने कहा है कि जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।


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