Durg News: लखनऊ हादसे के बाद दुर्ग में कोचिंग सेंटरों की जांच, 100 से अधिक संस्थानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था नदारद, SDRF ने जारी किए नोटिस

Durg News: लखनऊ हादसे के बाद दुर्ग में कोचिंग सेंटरों की जांच, 100 से अधिक संस्थानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था नदारद, SDRF ने जारी किए नोटिस

Durg Coaching Centres Fire Safety Check: दुर्ग। लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। बुधवार रात एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने भिलाई सहित जिले के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकांश कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई है। प्रारंभिक जांच में भिलाई के 100 से अधिक कोचिंग संस्थान फायर सेफ्टी व्यवस्था में पूरी तरह फेल पाए गए हैं।

न्यू सिविक सेंटर के कोचिंग हब में मिली सबसे ज्यादा खामियां

जिले में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों में सबसे अधिक संख्या भिलाई के न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र में है। यहां 100 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित होने की जानकारी है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई कोचिंग संस्थान छोटी-छोटी इमारतों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं, जबकि सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम तक उपलब्ध नहीं हैं।

जांच में सामने आया कि कई तीन मंजिला इमारतें मात्र 10 बाय 25 फीट के प्लॉट पर निर्मित हैं, जहां छात्रों की संख्या क्षमता से कहीं अधिक है। ऐसे भवनों में आपात स्थिति के दौरान छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद कठिन हो सकता है।

संकरी सीढ़ियां बनीं सबसे बड़ा खतरा

निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर समस्या संकरी सीढ़ियों को लेकर सामने आई। कई भवनों में इतनी पतली सीढ़ियां हैं कि एक समय में केवल एक ही छात्र ऊपर या नीचे आ-जा सकता है। अधिकारियों का मानना है कि आगजनी या किसी अन्य आपदा की स्थिति में भगदड़ मचने पर बड़ा हादसा हो सकता है।

कुछ कोचिंग सेंटरों में स्थिति इतनी चिंताजनक पाई गई कि आपातकालीन स्थिति में छात्रों के पास ऊंची इमारतों से कूदने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचेगा।

इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था नहीं

एसडीआरएफ और पुलिस टीम ने कोचिंग संस्थानों में इमरजेंसी एग्जिट की भी जांच की, लेकिन अधिकांश संस्थानों में वैकल्पिक निकासी मार्ग नहीं मिला। कई भवनों में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता था। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी शैक्षणिक संस्थान में यह स्थिति बेहद जोखिमपूर्ण मानी जाती है।

फायर सेफ्टी उपकरण भी मिले नाकाफी

जांच के दौरान कई संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर या तो एक्सपायर मिले या फिर उन्हें सही तरीके से स्थापित नहीं किया गया था। कई जगह अग्निशमन उपकरण केवल औपचारिकता के तौर पर रखे गए थे और उनके रखरखाव का कोई रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं था। अधिकारियों ने इसे छात्रों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही करार दिया है।

जिले में 150 से 200 कोचिंग संस्थान संचालित

जानकारी के अनुसार दुर्ग जिले में लगभग 150 से 200 प्रमुख निजी कोचिंग सेंटर और ट्यूटोरियल संस्थान संचालित हो रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या भिलाई के न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र में स्थित है। प्रशासन अब चरणबद्ध तरीके से सभी संस्थानों की जांच कर रहा है।

कई संचालकों को मौके पर ही नोटिस

निरीक्षण के दौरान एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले कई कोचिंग संचालकों को मौके पर ही नोटिस जारी किया। संस्थानों को आवश्यक सुधार करने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है।

अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर नहीं किया गया तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आज हो सकती है सीलिंग की कार्रवाई

प्रशासन उन कोचिंग संस्थानों की सूची तैयार कर रहा है जहां सुरक्षा नियमों का सबसे अधिक उल्लंघन पाया गया है। सूत्रों के अनुसार गुरुवार को न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र के कई कोचिंग संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

छात्रों की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी प्राथमिकता

लखनऊ में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दुर्ग प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों और विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस तरह की जांच लगातार जारी रहेगी।


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