CG Bijapur News: बीजापुर: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) में करोड़ों रुपये के लंबित भुगतान और 12 सड़कों को कागजों में पूर्ण दर्शाने के मामले में समाचार प्रकाशित होने के बाद विभाग में अचानक हलचल तेज हो गई है। विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच अब ठेकेदारों के लंबित बिलों के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि कार्यपालन अभियंता नवीन तोड़े अब स्वयं विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर भुगतान प्रक्रिया को गति देने में जुटे हैं।
गौरतलब है कि मार्च 2026 से करोड़ों रुपये के बिल लंबित पड़े थे। आरोप यह भी सामने आए थे कि 12 सड़क निर्माण कार्यों को पोर्टल में पूर्ण दर्शाकर भुगतान से जुड़े मामलों में अवैध वसूली का जरिया बनाया गया। मामला उजागर होने के बाद विभागीय अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं और बिलों को तैयार कर भुगतान की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, जिन 12 सड़क निर्माण कार्यों को मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह में PMGSY के ऑनलाइन पोर्टल में “कम्प्लीट” दर्ज किया गया था, उन्हीं कार्यों के भुगतान महीनों तक लंबित रहे। इसके बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि यदि सड़कें मार्च में ही पूरी हो चुकी थीं, तो भुगतान जून तक क्यों रोका गया।
पांच दिनों में 12 सड़कें पूर्ण घोषित, उठ रहे गंभीर सवाल
जानकारी के मुताबिक 27 मार्च से 31 मार्च 2026 के बीच मात्र पांच दिनों में 12 सड़क निर्माण कार्यों को पूर्ण घोषित कर ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज कर दिया गया। आरोप है कि विभागीय प्रगति बेहतर दिखाने और उच्च अधिकारियों के समक्ष उपलब्धियां प्रस्तुत करने के उद्देश्य से जल्दबाजी में कार्य पूर्ण दर्शाए गए, जबकि कई कार्यों में स्वीकृत राशि के मुकाबले बेहद कम भुगतान किया गया।
खबर के बाद बदले हालात
मामला सार्वजनिक होने के बाद विभागीय गतिविधियों में अचानक तेजी दिखाई देने लगी है। जिन ठेकेदारों के करोड़ों रुपये के बिल लंबे समय से अटके हुए थे, उनके भुगतान संबंधी दस्तावेज तेजी से तैयार किए जा रहे हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि निरीक्षण कार्य भी युद्धस्तर पर चल रहा है।
आर्थिक संकट से जूझते रहे ठेकेदार
संबंधित ठेकेदारों का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं मिलने से उन्हें मजदूरी, मशीन किराया और निर्माण सामग्री के भुगतान में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ठेकेदार कर्ज के बोझ तले दब गए और आर्थिक संकट से जूझते रहे।
स्वतंत्र जांच की मांग तेज
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने मांग की है कि 12 सड़क निर्माण कार्यों की स्वतंत्र एजेंसी से भौतिक जांच कराई जाए और PMGSY पोर्टल में दर्ज प्रगति का वास्तविक स्थिति से मिलान किया जाए। जांच में अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई जा रही है।
इस संबंध में प्रभारी कार्यपालन अभियंता नवीन तोड़े से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सड़कें मार्च 2026 में ही पूर्ण हो चुकी थीं, तो करोड़ों रुपये के भुगतान जून तक क्यों रोके गए? क्या केवल कागजों में सड़कें पूर्ण दिखाकर विभागीय उपलब्धियां गिनाई जा रही थीं, या फिर भुगतान प्रक्रिया के पीछे कोई और खेल चल रहा था? क्षेत्र में इसको लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। लोगों का कहना है कि यदि मामला सार्वजनिक नहीं होता तो ठेकेदारों को भुगतान के लिए शायद और लंबा इंतजार करना पड़ता।

