Chhattisgarh Bijapur News: बीजापुर। जिले के विभिन्न आदिवासी सामाजिक, सांस्कृतिक, युवा एवं जनसंगठनों के प्रतिनिधियों तथा सर्व समाज प्रमुखों ने सोमवार को राज्यपाल के नाम एक संयुक्त ज्ञापन कलेक्टर बीजापुर को सौंपा। ज्ञापन में आदिवासी समुदाय के संवैधानिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ठोस पहल करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 6 जून 2026 को रायपुर के वृंदावन हॉल में आयोजित संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्तावों के आधार पर यह मांगपत्र तैयार किया गया है। प्रतिनिधियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बड़ी आबादी आदिवासी समुदाय से संबंधित है और राज्य का लगभग 61 प्रतिशत क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है, इसलिए संविधान प्रदत्त अधिकारों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन में जनगणना में पृथक आदिवासी धर्म कोड की मान्यता, परिसीमन के दौरान आदिवासी प्रतिनिधित्व की सुरक्षा, अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा, निजीकरण पर रोक तथा जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जों की जांच, भू-माफिया नियंत्रण कानून, भूमि अधिग्रहण और खनन परियोजनाओं में ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति, खनिज संपदा से स्थानीय समुदायों की हिस्सेदारी तथा नक्सल मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी युवाओं की रिहाई की मांग भी उठाई गई।
ज्ञापन में धर्म परिवर्तन के आधार पर अनुसूचित जनजाति का दर्जा समाप्त करने के प्रयासों का विरोध करते हुए देवगुड़ियों, सरना स्थलों, गोटुल और अन्य पारंपरिक आस्था केंद्रों को कानूनी संरक्षण देने, पेसा कानून एवं वन अधिकार मान्यता अधिनियम (एफआरए) के पूर्ण क्रियान्वयन तथा आदिवासी शिक्षा और मातृभाषा संरक्षण के लिए विशेष कदम उठाने की मांग भी शामिल है।
सर्व समाज प्रमुखों ने राज्यपाल से आदिवासी समाज की अस्मिता, स्वशासन, परंपरागत अधिकारों और संवैधानिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक हस्तक्षेप कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इस दौरान सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी, कंवर समाज अध्यक्ष कमलेश पैंकरा, गोंड समाज अध्यक्ष पांडुराम तेलाम, मुरिया समाज के पाकलु तेलम, उरांव समाज अध्यक्ष पीआर भगत, तेलगा समाज प्रमुख मंगल रोटेल सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और समाज प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

