Chhattisgarh Durg News: दुर्ग। दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र स्थित सेवा सहकारी समिति रोंदा के धान उपार्जन केंद्र में 15 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद समिति प्रभारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। संयुक्त जांच टीम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में सैकड़ों क्विंटल धान और हजारों नए बारदानों की कमी पाए जाने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
संयुक्त जांच में खुली अनियमितता की परतें
जानकारी के अनुसार, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग की घोंठा शाखा के शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह मढ़रिया की शिकायत पर थाना धमधा में मामला दर्ज किया गया। 29 मई 2026 को खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने सेवा सहकारी समिति मर्यादित रोंदा एवं उसके उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया था।
जांच दल में शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह मढ़रिया, सहायक खाद्य अधिकारी शशि सिंह, खाद्य निरीक्षक सुधा महिलांग तथा सहकारिता निरीक्षक प्रजय सोनी शामिल थे।
560 क्विंटल से अधिक धान मिला कम
जांच में सामने आया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान समिति ने कुल 73,952.80 क्विंटल धान की खरीदी की थी। इसमें से 65,657.65 क्विंटल धान का उठाव मिलरों द्वारा किया जा चुका था, जबकि 7,678.10 क्विंटल धान संग्रहण केंद्रों को भेजा गया था।
दस्तावेजों के अनुसार समिति में 617.08 क्विंटल धान उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन मौके पर केवल 56.80 क्विंटल धान ही मिला। इस प्रकार 560.28 क्विंटल धान की कमी पाई गई।
2103 नए बारदानों का भी नहीं मिला हिसाब
जांच के दौरान 2103 नए बारदानों की कमी भी सामने आई। अधिकारियों के मुताबिक गायब धान की कीमत 13 लाख 27 हजार 303 रुपये तथा बारदानों की कीमत 80 हजार 858 रुपये आंकी गई है। इस तरह कुल 15 लाख 8 हजार 161 रुपये की गड़बड़ी उजागर हुई है।
समिति प्रभारी की भूमिका संदिग्ध
जांच रिपोर्ट में सेवा सहकारी समिति रोंदा के प्रभारी जगदीश कुमार नौरंगे की भूमिका संदिग्ध पाई गई। रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई, जिसके बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के निर्देश पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
थाना धमधा पुलिस ने आरोपी जगदीश कुमार नौरंगे के खिलाफ अपराध क्रमांक 136/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब धान और बारदानों की कमी के कारणों, वित्तीय अनियमितताओं तथा संभावित राशि के दुरुपयोग की जांच कर रही है।

