तेज रफ्तार बलेनो कार की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

तेज रफ्तार बलेनो कार की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

Bilashpur Accident News: बिलासपुर। मस्तूरी थाना क्षेत्र के एनएच-49 पर बुधवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार बलेनो कार ने बाइक सवार को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उसकी घटनास्थल पर ही जान चली गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जबकि मृतक के परिवार में मातम पसर गया। पुलिस ने आरोपी कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार ग्राम भदौरा निवासी शुभम राठौर (30 वर्ष) बिजली मिस्त्री का काम करता था। बुधवार को वह काम के सिलसिले में मस्तूरी आया था। रात में घर लौटने के बाद उसे बिजली सुधारने के लिए फोन आया, जिसके बाद वह दोबारा अपनी बाइक से मस्तूरी-किरारी मार्ग की ओर निकल गया। काम पूरा कर देर रात वापस गांव लौटते समय वह एनएच-49 हाईवे पार कर रहा था।

इसी दौरान बिलासपुर से अकलतरा की ओर जा रही तेज रफ्तार बलेनो कार ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार की रफ्तार काफी अधिक थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि शुभम सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में बाइक भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ दिया दम

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और एम्बुलेंस की मदद से शुभम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मस्तूरी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। जवान बेटे की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज

मस्तूरी पुलिस ने मृतक के परिजन लक्ष्मी प्रसाद राठौर की शिकायत पर कार चालक देवेन्द्र देवांगन, निवासी खोखरा, जिला जांजगीर-चांपा के खिलाफ बीएनएस की धारा 106 के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

परिवार का एकमात्र सहारा था शुभम

ग्रामीणों के अनुसार शुभम राठौर मेहनती और मिलनसार युवक था। वह बिजली मिस्त्री के रूप में आसपास के गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं दूर करता था। गांव में बिजली खराब होने पर लोग सबसे पहले उसी को बुलाते थे। बुधवार रात भी वह घर पहुंच चुका था, लेकिन लोगों की मदद के लिए दोबारा काम पर निकल पड़ा। काम पूरा कर लौटते समय हुए हादसे ने उसकी जिंदगी छीन ली।

शुभम की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का कहना है कि वह परिवार का प्रमुख सहारा था और उसकी असमय मौत से परिवार आर्थिक एवं मानसिक संकट में आ गया है।


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